83 वर्षीय ललिता सुब्रमणियम, मुंबई के वडाला में रहती हैं. वो पिछले 25 साल से अपने फ्लैट में अकेली रह रही हैं. लोकल पुलिस ज़रूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करती है, ललिता भी इस लिस्ट में शामिल हैं. पुलिसवाले उन्हें रोज़मर्रा के काम, जैसे दवाई खरीदना और बैंक के कामों में उनकी मदद करते हैं. उनके दो बच्चे United States में रहते हैं और एक बेंगलुरु में.

आज जब उनके जन्मदिन पर उनके बच्चे उनके पास नहीं आ पाए, तो माटुंगा पुलिस ने उनको सरप्राइज़ दिया. वो सुबह ही उनके दरवाज़े पर गुलदस्ता और केक लेकर पहुंच गए. डिप्टी कमिश्नर Ashok Dudhe, पुलिस इंस्पेक्टर B.M. Kakad की मौजूदगी में उन्होंने केक काटा और भावुक हो कर पुलिसवालों को खूब आशीर्वाद दिया.

इंस्पेक्टर Kakad ने बताया कि वो उन्हें मां जैसा समझते हैं. जन्मदिन पर इस सरप्राइज़ से वो बेहद खुश हुईं. उन्होंने ये भी बताया कि उनके बच्चे भी उनके पास आते-जाते रहते हैं, पर ज़्यादा समय उनके पास नहीं रह पाते.

मुंबई पुलिस ने 1090 हेल्पलाइन वरिष्ठ नागरिकों के लिए खोल रखी है. जब अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों को किसी मदद की ज़रुरत होती है, तो वो तुरंत संभव सहायता प्रदान करते हैं. स्वर्गीय R R Patil ने गृह मंत्री रहने के दौरान ये पहल की थी, जिसके तहत पुलिस अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करती है और उनसे मिलती-जुलती रहती है.