एशिया का किंग कौन बनेगा इसके लिए बीते शनिवार से जंग शुरू हो चुकी है. यूनाइटेड अरब अमीरात में खेले जा रहे एशिया कप में भारत समेत पाकिस्तान, श्रीलंका, अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और हांगकांग की टीमों ने शिरकत की है. शनिवार को बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेले गए पहले मुक़ाबले में बांग्लादेश ने श्रीलंका को 137 रनों के बड़े अंतर से हराया.

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बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज़ मुश्फ़िकुर रहीम की 144 रन की शानदार बल्लेबाज़ी की बदौलत श्रीलंका को 261 का टारगेट दिया. जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 35 ओवरों में मात्र 124 रन के स्कोर पर सिमट गयी. भले ही मुश्फ़िकुर रहीम की शानदार से बांग्लादेश ने जीत हासिल की हो लेकिन दिल जीतने का काम किया टीम के ओपनर तमीम इक़बाल ने.

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बांग्लादेश की टीम पिछले कुछ सालों से लगातार अच्छा क्रिकेट खेल रही है. टीम की सफ़लता के साथ ही मैदान पर कुछ खिलाड़ियों का व्यवहार बेहद ख़राब रहा है. ये हम श्रीलंका में खेली गयी 'निदाहस ट्रॉफ़ी' में भी देख चुके हैं. लेकिन इस टीम में एक ऐसा खिलाड़ी भी है, जो सिर्फ़ अपने खेल की बदौलत दूसरों को जवाब देता है. इस खिलाड़ी का नाम है तमीम इक़बाल. तमीम असल ज़िंदगी में जितने शांत रहते हैं मैदान पर उनकी बल्लेबाज़ी उतनी ही विस्फ़ोटक होती है. वो जब भी मैदान पर आते हैं जेंटलमैन की तरह क्रिकेट खेलते हैं.

एशिया कप के पहले मैच में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. दरअसल, तमीम जब पारी की शुरुआत करने आये उसके कुछ देर बाद ही वो इंजर्ड होकर पवेलियन लौट गए. तमीम के पवेलियन लौटने के कुछ देर बाद ही ओपनर लिटन दास और शाक़िब भी खाता खोले बिना ही पवेलियन लौट गए. पहले ही ओवर में दो महत्वपूर्ण विकेट गंवाकर बांग्लादेशी टीम मुसीबत में थी. इसके बाद मिथुन और मुश्फ़िकुर के बीच हुई 132 रन की शानदार पार्टनरशिप की बदौलत बांग्लादेश ने मैच में वापसी की ही थी कि मिथुन 63 रन बनाकर पवेलियन लौट गए.

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इसके बाद बांग्लादेश के विकेट लगातार गिरते रहे, एक समय टीम 197 के स्कोर तक 7 विकेट गंवा चुकी थी. बांग्लादेश का 200 रन बनाना भी मुश्किल लग रहा था, लेकिन मुश्फ़िकुर ने हिम्मत नहीं हारी और छोर पर टिके रहे. 229 के स्कोर पर बांग्लादेश ने अपना 9वां विकेट भी गंवा दिया. इसके साथ ही शतकवीर मुश्फ़िकुर के पास पवेलियन लौटने के सिवा कुछ भी नहीं था.

इसके बाद मैदान पर जो हुआ वो देखने लायक था. घायल तमीम इक़बाल एक बार फिर बल्लेबाज़ी करने आये. बल्लेबाज़ी करना तो दूर की बात तमीम अपना एक हाथ हिला भी नहीं पा रहे थे. बावजूद इसके उन्होंने एक हाथ से बल्लेबाज़ी की, ये देखकर हर कोई हैरान था. तमीम ने सच्ची खेल भावना का परिचय देते हुए अपने साथी मुश्फ़िकुर का बख़ूबी साथ निभाया. आख़िरी विकेट के लिए तमीम और मुश्फ़िकुर ने 15 गेंदों में 32 रन की महत्वपूर्ण पार्टनरशिप की. इसकी बदौलत बांग्लादेश ने 261 रनों का मज़बूत स्कोर बनाया.

तमीम इक़बाल बांग्लादेश के पहले बल्लेबाज़ हैं, जिन्होंने वनडे क्रिकेट में 6000 रन पूरे किये हैं.

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