भारत की महानता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज पूरी दुनिया में भारत का बोलबाला है. नासा से लेकर आईटी और मेडिकल से लेकर मीडिया, तक हर जगह भारतीय अपनी क़ाबिलियत के झंडे गाड़ रहे हैं. इस देश में कुछ तो ख़ास बात है. स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, सरदार पटेल, भगत सिंह, अब्दुल कलाम जैसे कई महापुरुषों ने भी इसी देश की मिट्टी में जन्म लिया.

लेकिन क्या आप जानते हैं?

इस देश में कुछ ऐसे लोगों का जन्म भी हुआ है, जो इस देश के तो नहीं थे लेकिन आज पूरी दुनिया में वे बेहद चर्चित हैं:

1. Rudyard Kipling (लेखक)

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रूडयार्ड किपलिंग का जन्म 1865 में बॉम्बे में लॉकवुड किपलिंग और एलिस किपलिंग के घर हुआ था. जब कभी भी किसी विदेशी लेखक, जिसका जन्म भारत में हुआ हो के बारे में चर्चा हो और रूडयार्ड किपलिंग का नाम न आये, ऐसा हो ही नहीं सकता. उनके पिता एक कुशल कलाकार और शानदार मूर्तिकार थे. किपलिंग जब भारत में थे, उसी दौरान उन्होंने अपनी सबसे मशहूर किताब The Jungle Book लिखी थी. इस किताब की कहानी उस जंगल के बच्चों की कहानी है, जिसे आज हम 'कान्हा नेशनल पार्क' के नाम से जानते हैं.

2. William Thackeray (लेखक)

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William Thackeray का जन्म उस समय ब्रिटिश इंडिया की राजधानी कलकत्ता में हुआ था. उनके पिता ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के राजस्व बोर्ड के सचिव थे. उनकी उत्कृष्ट लेखन क्षमता ने ज़ल्द ही उनको उच्च वर्ग के लोगों के बीच बेहद चर्चित कर दिया. उनकी किताब 'वैनिटी फ़ेयर' को उच्च समाज के विकास में बहुत महत्व दिया जाता है. उनको विक्टोरियन लेखकों में Charles Dickens के बाद दूसरा स्थान दिया जाता है.

3. George Orwell (लेखक)

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प्रसिद्ध लेखक George Orwell का जन्म बिहार के मोतिहारी में हुआ था. उनके पिता ब्रिटिश राज में Opium डिपार्टमेंट में काम करते थे. George ने ब्रिटेन के Eton College से पढ़ई की. कुछ समय के लिए बर्मा में पुलिस की नौकरी भी की. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1984 और Animal Farm जैसी किताबों के ज़रिये उनको ख़ूब प्रसिद्धि मिली. आज, मोतीहारी में ऑरवेल परिवार के घर को राष्ट्रीय प्रतीक स्मारक घोषित कर दिया गया है.

4. Vivien Leigh (अभिनेत्री)

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हॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री, Vivien Leigh का जन्म 1913 पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग स्थित प्रसिद्ध सेंट पॉल स्कूल के परिसर में हुआ था. इस कैंपस में कई फ़िल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है. आज Vivien Leigh का नाम हॉलीवुड के लिए स्वर्ण युग का पर्याय बन चुका है. फ़िल्म 'ग्रीन विद द विंड' में स्कारलेट ओहारा के किरदार ने उनको हॉलीवुड में महान अभिनेत्री के तौर पर स्थापित किया. दुनिया भर के सिनेप्रेमी आज भी उनकी सुंदरता और एक्टिंग के कायल हैं. हाल ही में 'अमेरिकन फ़िल्म इंस्टीट्यूट' ने विवियन लेघ को हॉलीवुड की अब तक की 16 सबसे प्रसिद्ध अभिनेत्रियों की सूचि में स्थान दिया है.

5. Sir Cliff Richard (गायक)

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Harry Roger Webb, जिन्हें आज पूरी दुनिया Sir Cliff Richard के नाम से जानती है. उनका जन्म लखनऊ के King George’s Hospital में सन 1940 में हुआ था. बीटल्स से पहले पूरे ब्रिटेन में सिर्फ़ रिचर्ड का जलवा हुआ करता था. 1958 के ने रिचर्ड ने Move it सॉन्ग के ज़रिये ब्रिटेन को पहला Rock ‘N’ Roll सॉन्ग दिया और बीटल्स जैसे कई बैंड्स के लिए दरवाजे खोल दिए. उस समय उनके पिता इंडियन रेलवे में ठेकेदार के तौर पर काम करते थे. 1947 में भारत की स्वतंत्रता से पहले उनका परिवार इंग्लैंड वापस चला गया. यहीं से हैरी वेब का क्लिफ़ रिचर्ड बनने का सफ़र शुरू हुआ. लखनऊ के किंग जॉर्ज अस्पताल परिसर में में आज भी उनके जन्म का प्रमाण देखने को मिल जायेगा.

6. Colin Cowdrey (क्रिकेटर)

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इंग्लैंड के महान क्रिकेटरों में से एक Colin Cowdrey का जन्म 1932 में ऊटी में हुआ था. उनके पिता Ernest Cowdrey भी क्रिकेटर थे. जो कि काउंटी क्रिकेट क्लब के लिए खेला करते थे. कॉलिन का जन्म तब हुआ, जब उनके पिता ऊटी की पहाड़ियों में चाय बागान चला रहे थे. Colin पांच साल की उम्र में पढ़ाई के लिए इंग्लैंड के होमफ़ील्ड प्रिपरेटरी स्कूल चले गए. यहीं पर उन्होंने पहली बार क्रिकेट बैट पकड़ा था. इसके बाद उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड के ब्रासेनोस कॉलेज में पढ़ाई की. दो दशक इंग्लैंड के लिए खेलने से पहले Colin ने ऑक्सफ़ोर्ड का प्रतिनिधित्व भी किया था. क्रिकेट से संन्यास के साथ ही उन्होंने Wally Hammond के सर्वाधिक रन और मैच खेलने के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया था.

7. Julie Christie (अभिनेत्री)

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प्रसिद्ध ब्रिटिश अभिनेत्री जूली क्रिस्टी का जन्म ब्रिटिश भारत के असम के चबूआ में सन् 1940 में हुआ था. जब क्रिस्टी का जन्म हुआ, उस समय उनके पिता असम में एक चाय बागान चला रहे थे. जूली ने 1957 में अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की. 1960-70 के दशक की शुरुआत में उन्होंने कई प्रतिष्ठित फ़िल्मों में अभिनय किया. लेकिन 1965 में उनको उस वक़्त अंतरराष्ट्रीय सराहना मिली, जब उन्होंने फ़िल्म डार्लिंग के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अकादमी पुरस्कार जीता था. इसके बाद उनके करियर पर विराम लग गया.

इन लोगों का भारत प्रेम आज भी ज़िंदा है, ये लोग समय-समय पर अपनी जन्म भूमि भारत आते रहते हैं.

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