जेंटलमैन किसे कहते हैं ये हमें दीवार से सीखना चाहिए ? जी हां दीवार से...नहीं समझे.. चलिये हम बताते हैं.

एक समय में टीम इंडिया की दीवार यानि The Wall कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वही असली जेंटलमैन हैं. हाल ही में भारतीय अंडर-19 टीम न्यूजीलैंड में विश्वकप विजेता बनी थी. टीम की इस जीत के बाद बीसीसीआई ने इनामों की घोषणा की थी. इस दौरान बीसीसीआई ने कोच राहुल द्रविड़ को 50 लाख, खिलाडियों को 30 लाख, जबकि सपोर्ट स्टाफ़ को 20 लाख रुपये देने की घोषणा की थी.

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14 फरवरी को बीसीसीआई के चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर राहुल जोहरी के साथ एक मीटिंग के दौरान राहुल द्रविड़ ने कहा था कि जब सब लोग बराबर मेहनत करते हैं तो फिर प्राइज़ मनी में इतना अंतर क्यों? सबको बराबर पैसे मिलने चाहिए.

बीसीसीआई ने अब राहुल द्रविड़ की ये बात मान ली है. प्राइज़ मनी की लिस्ट रिवाइज़ करने के बाद अब राहुल द्रविड़, टीम के प्रत्येक खिलाड़ी और सपोर्टिंग स्टाफ़ सभी को 25-25 लाख रुपये मिलेंगे. भले ही इस फ़ैसले के बाद द्रविड़ और खिलाड़ियों का नुकसान हुआ हो. लेकिन द्रविड़ ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वही असली हीरो हैं. ख़ैर, अच्छी बात ये है कि इस फ़ैसले से कुछ ऐसे लोगों को भी फ़ायदा होगा जो न्यूज़ीलैंड दौरे पर तो नहीं गए थे, मगर साल भर टीम के साथ जुड़े हुए थे.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, इसका फ़ायदा टीम के ट्रेनर रहे राजेश सावंत के परिवार को भी मिलेगा. राजेश का साल 2017 में टीम के साथ जुड़े रहने के दौरान ही निधन हो गया था. अब उनके परिवार को भी 25 लाख मिलेंगे. उनके अन्य साथियों को भी 25 लाख रुपये प्राइज़ मनी के तौर पर मिलेंगे.

जितने नेक उनके इरादे हैं, उतना ही मज़बूत उनका व्यक्तित्व. यूं ही नहीं उन्हें 'द वॉल' यानि भारत की दीवार कहा जाता था. इन्हीं नेक विचारों के कारण राहुल द्रविड़ आज भी हर फ़ैंस के दिलों पर राज करते हैं.

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