नेवादा के ब्लैक रॉक रेगिस्तान में हर साल एक म्यूज़िक फ़ेस्टिवल का आयोजन होता है. एक सप्ताह तक चलने वाले इस फ़ेस्टिवल में 70,000 के आसपास लोग पहुंचते हैं. जाहिर है, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लिए रहने और खाने का इंतज़ाम भी अलग से करना होता है. इसीलिए यहां रात गुज़ारने और आराम करने के लिए किफ़ायती Hexagonal आश्रयों का इस्तेमाल किया जाता है.

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ये आश्रय लोगों का बाहर पड़ने वाली ठंड या गर्मी से बचाव करते हैं, साथ ही इनमें कई सारे लोग समा सकते हैं. बीते कुछ सालों में इन शेल्टर्स की लोकप्रियता बढ़ी है और अब हर साल ऐसे 1000 शेल्टर्स का इस फ़ेस्टिवल में इस्तेमाल होता है.

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क्रिस्चन वेबर रेगिस्तान में होने वाले इस फ़ेस्टिवल में पिछले 20 सालों से आ रहे हैं. उन्हें एहसास हुआ कि चूंकि Hexagonal को असेंबल करना आसान नहीं था, ऐसे में इनसे बेहतर उपाय भी खोजा जा सकता है.

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वेबर का ये ख्याल उस समय हकीकत में तब्दील हो गया जब उन्होंने एक शिफ़्टपॉड को डिज़ाइन किया. लेकिन ख़ास बात ये है कि ये शिफ़्टपॉड केवल फ़ेस्टिवल में आए लोगों के लिए सीमित न होकर त्रासदियों से गुज़रते शरणार्थियों और रिफ़्यूजियों के लिए वरदान साबित हुआ.

वेबर ने सबसे पहले इन शिफ़्टपॉड्स को बर्निंग मैन फ़ेस्टिवल में आने वाले अपने दोस्तों के लिए तैयार किया था. लेकिन उन्हें ये मालूम नहीं था कि उनका ये प्रयास एक मल्टी मिलियन डॉलर बिज़नेस बन जाएगा. अपने इस नए प्रॉडक्ट का लोगों में उत्साह देखते हुए उन्होंने जल्दी ही अपनी नई कंपनी खड़ी कर ली और उनके प्रॉडक्ट को दुनिया ने हाथों-हाथ लिया.

वेबर का ये नया डिज़ाइन यानि शिफ़्टपॉड्स केवल एक पीस में फ़ोल्ड हो सकता था. शिफ़्टपॉड्स इंसुलेटेड होते हैं और इसमें लंबे लोग भी आसानी से समा सकते हैं. जॉन ब्राउन यूनिवर्सिटी के अनुसार, ये तेज़ हवाओं का भी सामना कर सकते हैं. ये 109 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से आती हवाओं को भी झेल सकते हैं और तूफ़ान में उड़ते नहीं हैं. वेबर की कंपनी ASSI ने हाल ही में शिफ़्टपॉड का दूसरा संस्करण भी शुरू किया है, जिसका वज़न केवल 64 पाउंड्स है.

लेकिन वेबर यहीं नहीं रुके. उनका मानना है कि इस समय 50 मिलियन से भी ज़्यादा लोग पॉलिटिक्स और यु्द्ध के चलते अपनी जगहों से अलग-थलग कर दिए गए हैं. कई लोग तो बेहद दयनीय हालातों में समय गुज़ार रहे हैं. ऐसे में हमारी कोशिश होनी चाहिए कि एक ऐसे आश्रय को बनाया जाए, जो इकोनॉमिकल हो, आसानी से शिप हो जाए और बिना किसी तामझाम के आसानी से खुल और बंद हो सके.

वेबर ने अपने इस नए प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया और ये शिफ़्टपॉड्स अब नेपाल, जापान, इक्वाडोर, नॉर्थ डैकोटा जैसे देशों में अपनी जगह बना चुके हैं और ये शरणार्थियों के लिए काफ़ी मददगार साबित हो रहा है.ASSI का मकसद है कि उनका ये आश्रय युद्ध से त्रस्त लोगों के लिए केवल घर न हो बल्कि इसके अलावा भी कुछ बुनियादी सुविधाएं इससे जुड़ी हों. वेबर का बिज़नेस आज काफ़ी फल-फूल रहा है और ख़ास बात ये है कि दुनिया भर के कई शरणार्थियों की उन्हें दुआएं भी मिल रही हैं.

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