गाड़ी चाहे दो पहिया हो, या फिर चार पहिया इसे चलाने के लिये लाइसेंस की ज़रूरत हो ती है. ये लाइसेंस आपको आरटीओ से बड़ी ही मशक्कत करने के बाद मिलता है. इसके लिये आपको ऑनलाइन टेस्ट के साथ ही फ़ील्ड ट्रायल भी देना होता है. लेकिन अगर यही लाइसेंस चोरी हो जाए, तो इससे बड़ी मुसीबत क्या हो सकती है?

SOurce: dnaindia

पुणे की स्वप्ना डे को भी कुछ दिनों पहले इसी दशा से गुज़रना पड़ा, जब कार का शीशा तोड़ कर चोर स्वप्ना का ड्राइविंग लाइसेंस चुरा ले गया. उनके बड़े बेटे ने प्यार से उन्हें एसयूवी गिफ़्ट की थी, अब वो इसे चला नहीं सकेंगी.

पुणे के वान वाड़ी में एक बुटीक की मालकिन स्वप्ना रोज़ की तरह टहलने गई थी. रेस कोर्स की पार्किंग में उन्होंने अपनी एसयूवी पार्क की थी और अपना पर्स उसकी बैक सीट पर छोड़ दिया. सैर कर वो वापस आईं, तो उनकी कार का शीशा टूटा था और उनका पर्स चोरी हो गया था.

Source: Punemirror

इसके बाद वो अपने बेटे के साथ पुलिस स्टेशन में एफआईआर लिखा आती हैं और वो भी आम लोगों को की तरह चोर को कोसते हुए फिर से आईटीओ के चक्कर लगाने की तैयारी करने लगती हैं. वो घर से निकलने ही वाली थीं कि उनके पुराने घर का एक पड़ोसी उनके यहां एक पार्सल लेकर पहुंच गया. स्वप्ना ने जैसे ही इस पार्सल को खोला, तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा.

इस पार्सल में उनका लाइसेंस था. लेकिन इसमें उनका महंगा पर्स और उसमें रखे 1500 रुपये गायब थे. स्वप्ना इसी बात का शुक्र मना रही थीं कि उन्हें उनका डीएल वापस मिल गया.

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अच्छी बात ये है कि स्वप्ना का पर्स वापस मिल गया. लेकिन चोर ने जो अपराध किया, उसे उसकी सज़ा ज़रूर मिलनी चाहिये.

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