हमारे देश में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं. इनमें कुछ का नाम अलग हो सकता है, लेकिन मनाने का कारण एक. जिस तरह उत्तर भारत में बैसाखी का त्योहार मनाया जाता है, वैसे ही दक्षिण भारत में पुथांडु, पोंगल और विशू. पुथांडू तमिलनाडु में मनाया जाता है. इस अवसर पर चेन्नई और कोयंबटूर के कई मंदिरों को 2000 और 500 के नोंटो से सजाया गया है.

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ये सभी त्योहार फ़सल पकने के अवसर पर मनाए जाते हैं. असम में इसे बीहू और ओड़िशा में पना संक्रांति के नाम से जाना जाता है. वहीं तमिल में इसे तमिल नव वर्ष की शुरुआत के तौर पर सेलिब्रेट करने का रिवाज है.

अपने पारंपरिक नये साल के अवसर पर चेन्नई के लोगों ने अरुमबक्कम में बाला विनायगर मंदिर को नोटों से सजाया. इस सजावट में 4 लाख रुपये के नोटों का इस्तेमाल किया गया है. ख़ास बात ये है कि न सिर्फ़ मूर्ति, बल्कि इस मंदिर के स्तंभों और छत को भी नोटों से सजाया गया है.

वहीं कोयंबटूर में मां अंबिगई मुथुमरियम्मन की एक मूर्ति की सजावट 5 करोड़ रुपये से की गयी. बताया जा रहा है कि इसमें 4 करोड़ रुपये के नोट और 1 करोड़ रुपये के हीरे और मोतियों को सजावट में इस्तेमाल किया गया है. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा हर वर्ष किया जाता है और श्रृद्धालु यहां लाइन लगाकर आशीर्वाद लेने आते हैं. यहां देखें वीडियो-

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