लगता है 'लुक गुड और फ़ील गुड' को राजस्थान सरकार ने अपना मंत्र बना लिया है. शायद यही वजह है कि स्टूडेंट्स और टीचर्स को स्मार्ट बनाने के लिए राजस्थान सरकार ने एक नया और अनोखा कार्यक्रम शुरू किया है. सरकार ने सूबे के सभी सरकारी स्कूलों में यह आदेश दिया है कि स्कूलों में एक शीशा और कंघा रखा होना चाहिए ताकि उसके इस्तेमाल से स्टूडेंट्स और टीचर्स स्मार्ट दिखें.

दरअसल, शिक्षा विभाग के अडिशनल डायरेक्टर हरि प्रसाद ने कहा, इस अनोखी पहल की शुरुआत शाला-दर्पण कैंपेन के तहत की गई है और इसमें सूबे के अधिकतर स्कूल शामिल हैं.

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उन्होंने आगे कहा कि जब स्कूल में शीशा और कंधी होगा, तो स्टूडेंट्स और टीचर्स अपने आप को थोड़ा सहज और व्यवस्थित रख सकते हैं. शीशा और कंघी न सिर्फ़ उन्हें अच्छी फ़ीलिंग देगा, बल्कि वो आत्मविश्वास भी महसूस करेंगे.

इसके अलावा, सरकार ने शाला-दर्पण पोर्टल भी शुरू किया है, जिसमें आधिकारिक सूचनाओं के अलावा स्कूलों से संबंधित सारी जानकारीयां भी उपलब्ध होंगी. इस पोर्टल को स्कूलों के प्रिंसिपल लॉग-इन कर सकते हैं और इसे अपडेट भी कर सकेंगे.

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प्रसाद के मुताबिक, स्कूलों, स्टूडेंट्स, टीचर्स और टीचर-स्टूडेंट अनुपात आदि की सारी जानकारी अब ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी. कोई भी यहां से स्कूलवाइज़ डिटेल्स सर्च कर सकता है.

इस पोर्टल पर स्कूल के प्रिंसिपल का नाम, उनका कॉन्टेक्ट नंबर, स्कूल में क्लास रूम्स की संख्या, टॉयलेट्स, प्ले-ग्राउंड और अन्य सुविधाओं की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी. स्कूल के नाम पर क्लिक कर उससे संबंधित सारी जानकारी मौजूद होगी. स्कूलों में ब्लैक बोर्ड की जगह ग्रीन बोर्ड लगाए जाएंगे.

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गौरतलब है कि सूबे में 50,993 स्कूलों में 36,48,994 छात्रों का पंजीयन है. इसके अलावा शिक्षकों की संख्या 1,49,381 है.

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