कॉलेज के दोस्तों और ऑफ़िस कलीग्स के साथ आप कई बार किसी रेस्टोरेंट और कैफ़े में गये होंगे. इनमें से कुछ रेस्टोरेंट्स और कैफ़े ऐसे भी होंगे, जिनके खाने और सर्विस ने आपको दीवाना बना दिया होगा. ये फ़ैक्ट है कि हर रेस्टोरेंट्स और कैफ़े की कुछ न कुछ ऐसी ख़ासियत होती है, जो उसे दूसरे रेस्टोरेंट और कैफ़े से अलग बनाती है. आज हम आपको कुछ ऐसे ही रेस्टोरेंट्स और कैफ़ेज़ के बारे में बता रहे हैं, जिनकी ख़ासियत ही लोगों को इनकी तरफ़ खींचती है.

Sheroes Hangout Cafe

कुछ महीने पहले ही सुर्ख़ियों में आया आगरा का Sheroes Hangout Café शायद एकलौता ऐसा कैफ़े है, जिसकी कमान एसिड अटैक पीड़ितों के हाथों में है. इस कैफ़े की शुरुआत 2014 में आगरा में बिलकुल ताज के पास की गई थी. इस कैफ़े के मैनेजमेंट का मानना है कि 'यदि एसिड अटैक के पीड़ितों को समाज से जोड़ना है, तो उन्हें मजबूत बनाना होगा.' इस कैफ़े में आप मनमर्जी के हिसाब से बिल दे सकते हैं. Wifi की सुविधा होने के साथ ही यहां एक लाइब्रेरी भी मौजूद है, जहां आप किताबें पढ़ने के साथ ही अपनी किताबें डोनेट कर सकते हैं. इसके अलावा कॉफी पीने के साथ-साथ आप उन एसिड अटैक सरवाइवर से बात करके उनकी कहानियों को भी जान सकते हैं.

KunZum Travel Cafe

दिल्ली के हौज़ खास में बना KunZum Travel Café एक ऐसी जगह है, जहां आप पैसों की चिंता किये बिना खाने और पीने का आनंद उठा सकते हैं. इसकी शुरुआत 2010 में हुई थी, जिसका उद्देश्य एक ऐसी जगह की खोज थी, जहां पर घूमने-फिरने के शौक़ीन लोगों को एक जगह एकत्रित किया जा सके. अपने यहां आने वाले लोगों को ये कैफ़े फ्री Wifi देने के साथ ही खाने और पीने के बदले मन मुताबिक बिल भुगतान करने की सुविधा भी देता है. कैफ़े की दीवारों पर लगी हर फ़ोटो एक कहानी को बयां करती है, जिसे आप यहां आने वाले लोगों से भी सुन सकते हैं. इस सब के अलावा यहां एक लाइब्रेरी भी है, जहां आप बिना रोक-टोक के किताबें भी पढ़ सकते हैं.

Seva Cafe

अपने नाम के अनुरूप ही इस कैफ़े का उद्देश्य सिर्फ़ और सिर्फ़ सेवा करना है. यहां पर ऐसा कोई भी बुकलेट नहीं है, जिस पर चीज़ों का दाम लिखा हो. यहां आपको बिल के बदले एक नोट मिलता है, जिस पर लिखा होता है कि 'आपको मिलने वाला खाना आपसे पहले आये किसी शख़्स की तरफ़ से एक उपहार था. आप भी इस क्रम को ऐसे ही बना कर किसी और आने वाले को उपहार दे सकते हैं.' किसी कर्मचारी के बदले यहां वालंटियर खाना बना कर परोसते हैं. इस कैफ़े की ब्रांच मुंबई, अहमदाबाद और पुणे में भी मौजूद हैं.

Tihar Jail Food Court

दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ का ये फ़ूड कोर्ट अपराधियों को अपराध की दुनिया से दूर कर समाज से जोड़ने की कोशिश करता है. यहां काम करने वाले अपराधियों का 12वीं पास होने के साथ ही एक अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड का होना ज़रूरी है. इस फ़ूड कोर्ट का माहौल ऐसा बनाया गया है कि काम करने वाले अपराधी खुद को एक आम इंसान ही समझें. इसके लिए जेल प्रशासन उन्हें सभी तरह की निगरानी से आज़ाद कर उन पर विश्वास के साथ यहां भेजता है.

The ‘Giving Tree’, Pappadavada

जिस वक़्त हम किसी रेस्टोरेंट्स और कैफ़े या कैफ़े में बैठ कर खाना खा रहे होते हैं, उसी वक़्त बहुत से ऐसे लोग होते हैं, जो बाहर खड़े हो कर खाने की तरफ़ देखते हैं. ऐसे ही लोगों के लिए केरला के इस रेस्टोरेंट्स ने एक फ्री कम्युनिटी फ्रिज की शुरुआत की है, जहां वो हर दिन खाने के 50 पैकेट ज़रूरतमंदों के लिए रखता है. इसके अलावा आप भी इस फ्रिज में खाना रख कर अपना योगदान दे सकते हैं. रेस्टोरेंट्स हफ़्ते में दो दिन इस फ्रिज की सफ़ाई भी करवाता है. इसकी सुरक्षा के लिए CCTV भी लगाया गया है.

Cafe Toto

कोलकाता में Tomorrow’s Foundation और फ्रेंच NGO Life Project 4 Youth के सहयोग खुले इस कैफ़े का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना है. यहां काम करने वाले युवाओं की उम्र 18 से 24 साल होती है, जिन्हें असल में एक साल का कोर्स कराया जाता है. इसके अंतर्गत इंग्लिश स्पीकिंग, IT स्किल, कम्युनिकेशन और पर्सनल स्किल जैसे कोर्स कराये जाते हैं, जिनकी निगरानी खुद फ्रेंच वालंटियर करते हैं. इस कैफ़े में एक समय में केवल 20 लोगों की ही मेजबानी की जाती है.

Cat Studio Cafe

बिल्लियों से प्यार करने वाले लोगों के लिए मुंबई का Cat Studio Café किसी जन्नत से कम नहीं. इस कैफ़े को खुद एक एनिमल लवर ग्रुप द्वारा चलाया जाता है. इस कैफ़े में आप बिल्लियों को फ़्री में अडॉप्ट करने के साथ ही उनके लिए खाना और पैसे डोनेट कर सकते हैं.

Puppychino

साउथ दिल्ली में बना Puppychino कैफ़े अपनी तरह का पहला ऐसा कैफ़े है, जहां आपको डॉग्स के साथ समय बिताने का मौका मिलता है. इस कैफ़े की शुरुआत दो बहनों ने अपने 20 डॉग्स के साथ की थी.

Source: indianexpress