दिव्यांगता किसी भी इंसान के आत्मविश्वस को कम कर सकती है. ये एक ऐसी मुश्किल है, जिसे नज़रअंदाज़ कर आगे बढ़ना बहुत कठिन है. लेकिन कुछ ऐसे Superhumans भी हैं, जो दिव्यांग होने के बावजूद बुलंदियों को छूते हैं.

IAS की परिक्षा में इरा सिंघल ने टॉप कर ये साबित कर दिया था कि दिव्यांग होना कहीं से भी कमज़ोरी नहीं है.

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विराली मोदी ने रेलवे में दिव्यांगों के साथ होने वाले भेदभाव के खिलाफ़ आवाज़ उठाई और रेलवे को दिव्यांगों के लिए सुविधाएं देने पर मजबूर किया.

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2018 की Civil Services की परिक्षा में कई दिव्यांगों ने काफ़ी अच्छा प्रदर्शन कर हम सब के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण स्थापित किया है.

प्रांजल पाटिल भी ऐसी ही एक शख़्सियत हैं. 8 साल की उम्र में आंखों की रौशनी खो चुकी प्रांजल ने IAS बनकर दिखाया है. उन्हें एरनाकुलम ज़िले की Assistant Collector नियुक्त किया गया है.

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महाराष्ट्र के उल्हासनगर की प्रांजल ने पहले Attempt में ही 2016 की UPSC परिक्षा में 733वां रैंक हासिल किया था. प्रांजल ने 2017 में दोबारा परिक्षा दी और 124वां रैंक प्राप्त किया.

India Times से हुई बातचीत में प्रांजल ने बताया,

ये मेरा पहला Assignment है. मैंने लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी, मसूरी में 9 महीने की ट्रेनिंग पूरी की. एरनाकुलम में मेरी कलेक्टर बनने की ट्रेनिंग चल रही है. ये मेरे लिए एक Practical Exam की तरह ही है. फ़िल्हाल मैं इस बात पर ध्यान दे रही हूं कि ज़िले का संपूर्ण विकास कैसे हो?

प्रांजल के माता-पिता ने बताया कि बचपन में एक सहपाठी ने प्रांजल की आंख में पेंसिल घोंप दी थी जिस कारण उसकी बाईं आंख की रौशनी चली गई. डॉक्टर्स ने उन्हें आगाह किया था कि प्रांजल अपनी दूसरी आंख की भी रौशनी खो देगी और यही हुआ.

इतना सब होने के बाद भी प्रांजल के माता-पिता ने हिम्मत नहीं हारी और न प्रांजल को हारने दी. प्रांजल ने मुंबई के कमला मेहता स्कूल फ़ॉर ब्लाइंड से स्कूली शिक्षा प्राप्त की, मुंबई के St.Xavier's College से Political Science में Graduation किया और JNU से International Relationas में Post Graduation.

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प्रांजल ने India Times को बताया कि तकनीक का उनकी सफ़लता में बहुत अहम योगदान है.

मैंने Braille सीखी. मेरे लैपटॉप पर Screen Reader Software है, जो किताबों से चैपटर्स पढ़कर मुझे सुनाती है. ये Software मुझे अलग-अलग कार्य करने में भी सहायता करता है.

प्रांजल अभी मलायलम के भी शब्द सीखने की कोशिश कर रही हैं.

Civil Services परिक्षा के उम्मीदवारों के लिए प्रांजल ने ये संदेश दिया,

ख़ुद पर यक़ीन रखें. नकारात्मक बातों पर ज़्यादा ग़ौर न करें और आलोचनाओं के लिए हमेशा तैयार रहे. लेकिन आलोचनाओं को ख़ुद पर हावी होने न दें. मंज़िल पाने में वक़्त लगेगा, पर कोशिश जारी रखनी चाहिए.

ऐसे हौसले को गज़बपोस्ट का सलाम.

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