इंसानियत आजकल के दौर में न जाने कहां पीछे छूटती जा रही है. लोग परेशान हैं, मजबूर हैं और इतने चिढ़े हुए हैं कि छोटी-छोटी बातें उन्हें हिंसक बनाने के लिए काफ़ी होती हैं. अगर इंसानी दिमागों में ऐसी भावनाएं भरती गईं, तो वो दिन दूर नहीं, जब इंसानियत और ज़मीर जैसी बेशकीमती चीज़ें कहीं कचरे के ढेर पर पड़ी कराह रही होंगी. रुड़की के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में काम करने वाला वार्डबॉय एक तीन दिन के बच्चे के रोने से इतना चिढ़ गया कि उस हैवान ने नवजात की टांगें तोड़ डालीं. 25 जनवरी को जन्मे इस बच्चे को कुछ परेशानियों की वजह से एक बाल-अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

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कहा जा रहा है कि बच्चे के रोने से वहां ड्यूटी पर बैठा वार्डबॉय इतना Irritate हो गया कि अकेले में मौका पाकर बच्चे की टांगें मरोड़ कर तोड़ डालीं. हालांकि, उस वक़्त वार्डबॉय की इस क्रूरता का खुलासा नहीं हो पाया. ये घटना तब प्रकाश में आई, जब उस बच्चे को देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया और पहले वाले हॉस्पिटल का वीडियो फुटेज एक प्राइवेट चैनल ने दिखाया.

बच्चे के पिता ने वार्डबॉय के खिलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई और पुलिस को मामले से अवगत करवाया. पुलिस ने जल्द ही मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.