उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार को लगभग एक महीना पूरा हो चुका है. 19 मार्च को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले योगी ने इस एक महीने के दौरान कई बड़े फ़ैसले लिए हैं. उनकी इस लिस्ट में अब एक और महत्वपूर्ण फ़ैसला जुड़ गया है.

योगी सरकार महिलाओं से जुड़े क्राइम और दलित उत्पीड़न मामलों में जल्द फ़ैसले के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने जा रही है. महिलाओं से जुड़े क्राइम से निपटने के लिए 100 और दलित उत्पीड़न की सुनवाई के लिए 25 फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट खोले जाएंगे.

न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि इन कोर्ट में एडीजे स्तर के जजों की तैनाती की जाएगी. खासतौर से महिला उत्पीड़न के मामले में जल्द जांच पूरी करने के लिए 1000 महिला अफ़सरों की भी तैनाती की जाएगी.

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पाठक ने बताया कि मुकदमों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण न्यायलयों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. महिला और दलित उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मामले भी 10-10 सालों तक कोर्ट में चलते रहते हैं.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में महिलाओं और दलितों को जल्द न्याय दिलाने के लिए वादा किया था. सरकार ने अपने उसी वादे को पूरा करने का प्लान तैयार कर लिया है और इसका प्रस्ताव बनाकर वित्त विभाग को भेज दिया गया है. इन फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट्स को बनाने में 400 करोड़ का खर्च आएगा.

वहीं दलितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए प्रदेश में कुल 25 फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे. इन कोर्ट्स में 25 जजों के साथ-साथ 275 अन्य पदों पर भर्तियां की जाएंगी. दलित फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाने में 100 करोड़ का खर्च आएगा.

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