20 महीने पहले घाटकोपर रेलवे स्टेशन पर बेसहारा छोड़ दिए गए, 2 भाई और उनकी 1 बहन आज अपनी ज़िन्दगी की नई उड़ान भरने को तैयार हैं. ये बच्चे अमेरिका जा रहे हैं. हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने इनको गोद लेने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अमेरिकी दंपति को मंजूरी दे दी है.

42 वर्षीय Mark Stoll और 43 वर्षीय उनकी पत्नी Annette ने पूरे नियम और क़ानूनों का पालन करते हुए राहुल (5), दुर्गा (4) और सूरज (2) को गोद लिया है. ये कपल Indiana के Campbellsburg में रहता है और वहां खेती-बाड़ी करता है. Mark और Annette के ख़ुद के तीन बच्चे पहले से हैं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 19 जनवरी, 2016 को कुर्ला गवर्नमेंट रेलवे पुलिस को घाटकोपर रेलवे स्टेशन पर तीन बेसहारा बच्चे मिले थे, जिनको कोई वहां छोड़ गया था. उसी दिन इन तीनों बच्चों को बाल कल्याण समिति पास भेज दिया गया था, जहां इनको प्राइवेट संगठन द्वारा चलाए जा रहे एक आश्रय गृह को सौंप दिया गया.

कुर्ला GRP भी कड़ी खोज-बीन और जांच के बाद भी तीनों बच्चों के परिवार का पता लगाने में विफल हो गया, और प्राइवेट आश्रय घर को भी इनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, और न ही किसी ने इन बच्चों के बारे में कोई मिसिंग कंप्लेंट कराई. इसके बाद मुंबई उपनगरीय जिले के Child Welfare Committee ने इन भाई-बहन को किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 38 (1) के तहत गोद लेने के लिए क़ानूनी रूप से स्वतंत्र घोषित कर दिया.

जस्टिस बीपी कोलाबावल्ला ने अमेरिका के इस कपल द्वारा इन तीनों बच्चों को अपनाने की मंजूरी देते हुए कहा, 'ये इन तीनों बच्चों के हित में होगा' कि उन्हें इस विदेशी जोड़े को गोद दे दिया जाए.

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इसके साथ ही न्यायाधीश ने इस बात को भी ध्यान में रखा कि ये अमेरिकी कपल Indiana में बच्चे को गोद लेने के नियमों और विनियमों के तहत योग्य हैं की नहीं, साथ ही वो मौजूदा भारतीय क़ानूनों के तहत भी बच्चे को अपना सकते हैं या नहीं. इसके बाद ही इन बच्चों को इस कपल को सौंपा गया है.

इस तरह से इन तीन बेसहारा बच्चों को मां-बाप के साये के साथ-साथ अच्छी परवरिश और सुनहरा भविष्य मिला गया है.

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