दोस्तों, ऐसा आपके साथ भी होता होगा, जब आप टीवी देखते होंगे और फ़िल्म या टीवी सीरीज़ में काम करने वाले एक्टर-एक्ट्रेस की एक्टिंग की कभी तारीफ़, तो कभी उसमें कमी निकालते होंगे. क्यों होता है न ऐसा? मेरे साथ तो होता है कई बार तो मुंह से ये भी निकल जाता है कि इससे अच्छी एक्टिंग हम कर देते. बहुत लोगों के साथ ऐसा होता होगा. इसमें कोई शक़ नहीं है. कई बार तो सपने में भी हम अपने पसंदीदा सीरियल में खुद को देखने ही लग जाते हैं. लेकिन जब सपना टूटता है, तो असलियत सामने आ जाती है. ख़ैर, सबके साथ ऐसा नहीं हो, कुछ इसका अपवाद भी होते हैं और भीड़ में शूटिंग देखते हुए उन पर किसी पारखी की नज़र पड़ जाती है और उसकी शूटिंग देखने के लिए लोगों की भीड़ लगने लगती है.

बॉलीवुड में एक हिट गाना, फ़िल्म या फिर आइटम नंबर किसी व्यक्ति को रातों-रात नाम, शोहरत और पैसा दिलवा सकता है. लेकिन बॉलीवुड एक ऐसी इंडस्ट्री है, जिसमें एंट्री करना हर किसी के बस की बात नहीं, और खासतौर से तब जब यहां भाई-भतीजावाद का बोलबाला है. मगर ये शख़्स इसका अपवाद है.

जी हां, ये कोई फ़िल्मी कहानी नहीं है, बल्कि सच्चाई है.

मिलिए इस व्यक्ति से, जो इंडिया आया था मुंबई स्थित एक NGO के साथ काम करने. उसको ना ही कभी हिंदी टीवी सीरियल्स या फ़िल्मों में काम करने का शौक था और न ही मन, लेकिन उसने किया. और अब उसके उसको टीवी स्क्रीन पर देखकर उसका मज़ाक उड़ा रहे हैं. क्यों? ऐसा इसलिए क्योंकि उसने एक हिंदी टीवी सीरियल में काम किया.

Source: thesun

the sun की ख़बर के अनुसार, Andrew Derlien, जो ब्रिटेन में रहते हैं और मुंबई के एक NGO, जिसका नाम 'Reality Gives' है और जो बच्चों के लिए स्कूल चलाती है, के साथ पैसा इकठ्ठा करने के काम में अपना पूरा समय दे रहे थे. ये तब की बात है जब एक रोल ख़ुद-ब-ख़ुद उनके पास चलकर आया. Andrew को एक्टिंग का कोई अनुभव नहीं था, फिर भी उनको एक टीवी शो में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार किया गया था. ये सीरियल भारत के स्वतंत्रता संग्राम की कहानियों को दर्शाता और उनका वर्णन करता है. इस सीरियल का नाम है 'चंद्रशेखर'.

Andrew के टीवी शो में काम करने के बारे में तब पता चला जब उनके एक दोस्त James Bugg, ने उनके नॉन-एक्टिंग बैकग्राउंड के बारे में ट्वीट किया. James ने ट्वीट में लिखा, 'Andrew तो केवल शूटिंग के बैकग्राउंड में अपने काम के चक्कर में घूम रहा था, जब सीरियल के डायरेक्टर ने उसको एक ब्रिटिश ऑफ़िसर की भूमिका निभाने के लिए पकड़ लिया था.

इसके साथ ही उसने लिखा कि Andrew ने ज़रूर हैरी पॉटर की वो चमत्कारी औषधि पी ली होगी, क्योंकि टीवी सीरियल में एक्टिंग करना कोई आसान काम नहीं है. Andrew ने 'चंद्रशेखर' लगभग 45 एपिसोड में ब्रिटिश अधिकारी के रूप में अभिनय किया है.

हालांकि, Andrew की एक्टिंग पर थोड़ा संदेह करना बनता है, क्योंकि वो मुंबई किसी और काम के लिए आये थे, जो एक्टिंग तो बिलकुल नहीं है. ख़बरों की मानें तो Andrew मुंबई और दिल्ली स्थित NGO, Reality Gives में बतौर फ़ंडरेज़िंग और मार्केटिंग डायरेक्टर हैं. इनकी कंपनी अपने मुनाफ़े का 80% धारावी और आस-पास के स्थानीय इलाकों में शैक्षणिक कार्यक्रमों पर खर्च करती है.

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हालांकि, इस पूरी स्थिति में शो के कास्टिंग डायरेक्टर पर सवालिया निशान लग रहे हैं, पर इन सबके इतर हमें ये भी मानना पड़ेगा कि Andrew कितना भाग्यशाली था.

हम और आप तो केवल कल्पना ही कर सकते हैं कि किसको सीरियल में लेना है किसको नहीं, इसके लिए निर्माता कितना परेशान रहता है और Andrew उनका रक्षक बनकर वहां पहुंच गया.

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ख़ैर, अभिनय का अनुभव न होते हुए Andrew ने इस रोल को निभाया, इसके लिए हम उनके इस नए प्रोफ़ेशन के लिए उनको शुभकामनाएं देते हैं.