कहते हैं जाको राखे साइयां, मार सके ना कोए... ऐसा ही कुछ हुआ एक 10 महीने के बच्चे के साथ. आपको ये तो पता होगा ही कि हर एयरलाइन के क्रू मेंबर को फ़्लाइट में आपातकालीन स्थिति में लोगों की जान बचाने की ट्रेनिंग दी जाती है. पर जेट एयरवेज़ की एक एयर होस्टेस ने अपनी सतर्कता एक बच्चे की जान बचाई.

Source: indiatimes

TOI में छपी ख़बर के मुताबिक़, पूरा मामला ये है कि हाल ही में एक प्राइवेट कंपनी की एमडी गुलाफ़ा शेख अपने 10 महीने के बच्चे के साथ मुंबई एयरपोर्ट से अहमदाबाद के लिए रवाना हो रही थी. एयरपोर्ट पर चेकइन सम्बन्धी सभी फ़ॉर्मैलिटीज़ को पूरा करने के बाद जैसे ही महिला सुरक्षा काउंटर के पास जाने लगी, तभी ग़लती से बच्चा उसकी गोद से फिसल गया. पर वहीं मौजूद जेट एयरवेज़ की एक एयरहोस्टेस जिसका नाम मितांशी वैद्द है ने अपनी सतर्कता से उसको नीछे गिरने से बचा लिया.

दरअसल, मितांशी ने छलांग लगाकर बच्चे को पकड़ लिया. इस पूरी घटना में बच्चे को कोई चोट नहीं लगी, लेकिन मितांशी की नाक पर थोड़ी चोट आई. अपने बच्चे को सुरक्षित देखकर बच्चे की मां गुलाफ़ा शेख ने जेट एयरवेज़ और मितांशी का धन्यवाद दिया. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये घटना पिछले महीने की है.

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गुलाफ़ा ने जेट एयरलाइन्स को लिखा, 'खुशकिस्मती थी कि एक युवती वहां थी, जिसने मेरे 10 महीने के बेटे को बचा लिया. बेटे को बचाने में उनकी नाक पर चोट आई, जिसका निशान पूरी उम्र भी रह सकता है.'

वहीं इस पर रिप्लाई करते हुए एयरलाइंस ने मितांशी के इस नेक काम की सराहना करते हुए कहा कि मितांशी ने अपने चेहरे पर निशान की परवाह नहीं की, जबकि निशान की वजह से उनकी जॉब को भी ख़तरा हो सकता था. एयरलाइन्स के एक सीनियर ऑफ़िसर ने कहा, 'हमें गर्व है कि मितांशी जून 2016 से हमारे साथ काम कर रही हैं.'

Source: TOI