देश में न जाने कितनी दफ़ा अस्पताल और डॉक्टर्स की लापरवाही के कारण मासूम लोगों की जान चली गई, लेकिन शायद ही इन घटनाओं से किसी ने सबक सीखा हो. हद तो तब हो जाती है, जब पैसों के कारण किसी ग़रीब इंसान का इलाज नहीं किया जाता, या इलाज के नाम पर उनसे मन मुताबिक पैसे ऐंठे जाते हैं.

ताज़ा मामला बेंगलुरू का है, जहां एंबुलेंस चालक एक व्यक्ति से उसके पुत्र की डेड बॉडी पहुंचाने के लिए 2500 रुपये की मांग कर रहा है. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया, जिसमें आप देख सकते हैं कि कैसे एक आदमी एंबुलेंस ड्राइवर की पोल खोलता दिखाई दे रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, एंबुलेंस ड्राइवर ने अस्पताल से 3 KM की दूरी पर डेड बॉडी पहुंचाने के लिए 2500 रुपये की मांग की, जबकि ग़रीब शख़्स पहले से ही अस्पताल के सारे भुगतान कर चुका था. एक ग़रीब के साथ अन्याय होता देख घटनास्थल पर मौजूद शख़्स को इतना गुस्सा आया कि वो ड्राइवर से भिड़ गया और उसने उससे इस मामले को पुलिस में ले जाने की बात कही.

शर्म की बात ये है कि ड्राइवर पर उस शख़्स की बातों का कोई फ़र्क नहीं पड़ा. इसके बाद ड्राइवर उस शख़्स के साथ धक्का-मुक्की करने पर उतर आया और ये तक कह डाला कि 'गाड़ी का नबंर नोट करना है करो, पुलिस को कॉल करनी है करो, कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता.' ड्राइवर की बातों से ऐसा लगा मानों उसे पहले से ही पता हो कि ऐसी घटनाएं उसके लिए आम बात हैं.

वहीं ग़रीब के हित में लड़ रहे शख़्स ने जब ड्राइवर से ये कहा कि दिखाओ बिल में एंबुलेंस चार्ज कहां लिखा है, तो उसने उस शख़्स के हाथ से बिल की कॉपी छीन कर फाड़ दी.

ये घटना बेहद शर्मनाक है, यहां बात पैसों की भी नहीं थी, बल्कि एक मृत शरीर के अपमान की है. ड्राइवर का एटिट्यूड देख ये कहा जा सकता है कि उसे अपनी ग़लती का कोई पछतावा नहीं है.