अतीत के वो 11 विचित्र नियम-क़ानून जिन्हें जान कर लोगों का दिमाग़ भन्ना जायेगा

Akanksha Tiwari

समय के साथ बहुत कुछ बदल जाता है. चीज़ें, लोगों की आदतें और समाज के नियम क़ानून भी. आज से दशकों पहले लोगों के रहन-सहन का तरीक़ा अलग था. वो अतीत के नियम थे और आज के वक़्त में उन तौर-तरीक़ों की कोई जगह नहीं है. अगर आज के समय में कोई उन नियन क़ानूनों को दोहराता दिखाई दे, तो शायद हम शख़्स के साथ उठना-बैठना तक पसंद न करें. पर पहले के ज़माने में यही अजीबो-ग़रीब चीज़ें हर आम इंसान की ज़िंदगी का हिस्सा थीं.

आज हम आपसे अतीत के कुछ ऐसे क़िस्से शेयर करने जा रहे हैं, जिन्हें जानने के बाद शायद बहुत देर तक आपका दिमाग़ काम न करे.

1. छाते से पता चलता था इंसान का व्यक्तित्व

1894 के आस-पास एक छतरी इंसान के बारे में बहुत कुछ कहती थी. जो लोग सिल्क से बने छाते यूज़ करते थे, उन्हें पाखंडियों का दर्जा दिया जाता था. सूती कपड़ों से बनी छातरियां इस्तेमाल करने वालों लोगों सभ्य और प्रतिष्ठित समाज का हिस्सा माना जाता था.

basicarts

2. सड़क पर लंबे समय तक नहीं कर सकते थे बात 

आज अगर राह चलते कोई दोस्त यार मिल जाये, तो हम घंटों एक ही जगह खड़े होकर बात कर लेते हैं. पर विक्टोरियन युग में इसे बुरा माना जाता था. अतीत में अगर कोई शख़्स सड़क पर अपने दोस्त से टकरा गया है, तो दोनों एक-दूसरे का हाल-चाल लेकर आगे बढ़ जाते थे. लंबी बात करने के लिये पार्क जैसी जगहें थीं.

wallpaperflare

3. निश्चित समय पर होती शादी थी

विक्टोरियन युग के दौरान कोई भी कपल मध्याह्न के बाद शादी नहीं कर सकता था. ऐसा क्यों होता था इसकी वजह का साफ़-साफ़ पता नहीं चल पाया है.

history

4. कॉस्मेटिक की जगह यूज़ होता था कच्चा मांस 

आज मार्केट में यंग और सुंदर बनाने वाले तमाम ब्यूटी प्रोडक्ट्स मौजूद हैं, लेकिन विक्टोरियन युग में युवा दिखने का बिल्कुल अजीब तरीक़ा था. कहा जाता है कि उस दौर में लोग यंग और सुंदर त्वचा के लिये रातभर स्किन पर कच्चा मांस रख कर छोड़ देते हैं. ताकि सुबह उठ कर स्किन सुंदर और यंग दिखे.

listverse

5. ड्रेस को दोनों हाथों से उठाना मना था 

विक्टोरियन युग में अगर कोई महिला सड़क पार करते हुए अपनी ड्रेस को दोनों हाथों से उठा ले, तो उसे बेहद असमभ्य माना था.

brightside

6. माता-पिता अपने बच्चों के साथ नहीं खेल सकते थे 

19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में माता-पिता का उनके बच्चों के साथ व्यवहार काफ़ी अलग था. उस टाइम पर महिलाओं को बच्चों से ज़्यादा स्नेह दिखाने की मनाही थी. इसके साथ ही माता-पिता अपने बच्चों के साथ तब तक नहीं खेल सकते थे, जब तक कि वो 4 से 6 महीने के न हो जायें.

bonappetit

7. काली मिर्च के बिना नमक टेबल पर नहीं रखा जाता था 

20वीं शताब्दी की शुरुआत में अगर खाने की टेबल पर नमक की मांग करता है, तो नमक के साथ काली मिर्च की शीशी भी ले जानी होती थी. इसकी उपेक्षा करने वाले व्यक्ति को शिष्टाचारी नहीं माना जाता था.  

slate

8. फ़ोन पर बात करते समय मुस्कुराना ज़रूरी था

1940s में फ़ोन पर बात करते समय चेहरे पर मुस्कान रखना ज़रूरी था. ये वो नियम था, जिसका उल्लघंन कोई नहीं कर सकता था.

clickamericana

9. ट्रेन में पढ़ने और बात करने की मनाही थी 

विक्टोरियन युग के दौरान दृष्टिबाधित यात्रियों को ट्रेन में किताब पढ़ने के लिये मना किया जाता था. वहीं जिन्हें फ़ेफ़ड़ों में दर्द की समस्या होती थी, उन्हें बात करना मना थी. 

history

10. जूतों की लंबाई से पता चलता कि व्यक्तिक कैसा है 

मध्ययुगीन में जिस इंसान का जूता जितना लंबा होता था, उस इंसान का स्टेटस उतना ही अच्छा होता था. 

brightside

11. Phenotype के मुताबिक किया जाता था पार्टनर का चयन 

विक्टोरियन युग में पार्टनर चुनने के लिये अजीब-ग़रीब तरीके अपनाये जाते थे. उस समय Bright Red Hair और गहरे रंग के लोगों को Jet Black Hair कलर वाले लोगों से शादी करने की सलाह दी जाती थी. जो लोग मोटे होते थे, उनकी शादी पतले लोगों से होती थी. वहीं पतले लोगों को गोल-मटोल और भावुक लोगों से शादी करने के लिये कहा जाता था.

brightside

सोचिये आज के दौर में किसी के लिये इन सब चीज़ों की कल्पना करना भी कितना मुश्किल है.

आपको ये भी पसंद आएगा
कोलकाता में मौजूद British Era के Pice Hotels, जहां आज भी मिलता है 3 रुपये में भरपेट भोजन
जब नहीं थीं बर्फ़ की मशीनें, उस ज़माने में ड्रिंक्स में कैसे Ice Cubes मिलाते थे राजा-महाराजा?
कहानी युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस की, जो बेख़ौफ़ हाथ में गीता लिए चढ़ गया फांसी की वेदी पर
बाबा रामदेव से पहले इस योग गुरु का था भारत की सत्ता में बोलबाला, इंदिरा गांधी भी थी इनकी अनुयायी
क्या है रायसीना हिल्स का इतिहास, जानिए कैसे लोगों को बेघर कर बनाया गया था वायसराय हाउस
मिलिए दुनिया के सबसे अमीर भारतीय बिज़नेसमैन से, जो मुगलों और अंग्रेज़ों को देता था लोन