जानिये क्यों सबसे अमीर होने के बाद भी कर्ज़ में डूबे हैं तिरुपति बालाजी?

Akanksha Tiwari

तिरुपति बालाजीः आंध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िले में स्थित श्री तिरुपति बालाजी का मंदिर देश के सबसे अमीर मंदिरों में एक है. मान्यता के अनुसार, मंदिर में साक्षात् भगवान व्यंकटेश विराजमान हैं. इसलिये यहां आने वाले श्रद्धालाओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है. जिसके बाद लोग यहां काफ़ी मात्रा में चढ़ावा भी चढ़ाते हैं. कहा जाता है कि मंदिर की सालाना इनकम लगभग 650 करोड़ रुपये है.

thomascook

कहते हैं कि देश के सबसे अमीर मंदिर से कई रहस्य भी जुड़े हैं. सबसे रोचक बात ये है कि अरबों के खजाने के बाद भी बालाजी को ग़रीब माना जाता है. आखिर वो कौन सी वजह है, जिस कारण बालाजी अमीर होकर भी ग़रीब हैं? 

patrika

अरबों के खजाने के बाद भी ग़रीब क्यों हैं बालाजी?

दरअसल, पैराणिक कहानियों में बालाजी के कर्जदार होने की वजह बताई गई है. पैराणिक क़िस्सों के अनुसार, भगवान वेंकटेश्वर धरती पर विष्णुजी का रूप हैं. वहीं उनकी पत्नी पद्मावती, मां लक्ष्मी का अवतार थीं. ऐसा कहा जाता है कि मां लक्ष्मी भगवान विष्णु से नाराज़ होकर बैकुंठ धाम से धरती पर आ गईं. जहां उन्होंने एक राजा के घर राजकुमारी पद्मावती के रूप में जन्म लिया.  

jansatta

इधर भगवान विष्णु लक्ष्मी जी की तलाश करते हुए वेंकटेश्वर के रूप में धरती पर आये. उनकी ये तलाश राजकुमारी पद्मावती पर आकर ख़त्म हुई. वेंकटेश्वर, पद्मावती से शादी करना चाहते थे. पर राजकुमारी से शादी करने के लिये उन्हें ढेर सारा धन चाहिये था. विंडबना ये थी कि लक्ष्मीजी के जाने के बाद भगवान विष्णु के पास धन बचा नहीं था.

indiamart

धन की मदद के लिये भगवान विष्णु, ब्रह्माजी और भगवान शंकर के पास पहुंचे. इसके बाद विष्णुजी की मदद के लिये कुबेर जी को बुलाया गया. सभी देवताओं ने मिलकर कुबेर जी से विष्णुजी की मदद का अनुरोध किया. कुबरे जी उनकी मदद के लिये राज़ी हो गये और विवाह के लिये विष्णुजी को ज़रूरी धन दे दिया गया.  

india

देवताओं से धन लेने के बाद भगवान विष्णु जी ने उनसे वादा किया था कि वो कलयुग के अंत तक सारा कर्ज़ उतार देंगे. इसके अलावा उन्होंने ये भी वादा किया था कि जब तक कर्ज ख़त्म नहीं होता है, वो उसका सूद चुकाते रहेंगे. इस तरह वेंकटेश्वर और राजकुमारी का विवाहा सम्पन्न हो गया. पर विवाह से वेंकटेश्वर कर्ज़दार हो गये और अब तक वो ये कर्ज़ चुका रहे हैं.

कहानी पढ़ कर कैसा लगा कमेंट में अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं और हां जय बालाजी भी बोलते हुए चलना. 

आपको ये भी पसंद आएगा
बदलने जा रहा है ‘इंडियन एयरफ़ोर्स’ का नाम! क्या होगा नया नाम? जानिए इसके पीछे की असल वजह
जानते हो ‘महाभारत’ में पांडवों ने कौरवों से जो 5 गांव मांगे थे, वो आज कहां हैं व किस नाम से जाने जाते हैं
Ganesh Chaturthi 2023: भारत में गणपति बप्पा का इकलौता मंदिर, जहां उनके इंसानी रूप की होती है पूजा
ये हैं पाकिस्तान के 5 कृष्ण मंदिर, जहां धूमधाम से मनाई जाती है जन्माष्टमी, लगती है भक्तों की भीड़
क्या आप इस ‘चुटकी गर्ल’ को जानते हैं? जानिए कैसे माउथ फ़्रेशनर की पहचान बनी ये मॉडल
लेह हादसा: शादी के जोड़े में पत्नी ने दी शहीद पति को विदाई, मां बोलीं- ‘पोतों को भी सेना में भेजूंगी’