नवरात्र में मां दुर्गा के इन 9 रूपों के दर्शन और पूजा से दूर होंगे आपके सारे दुख

Rashi Sharma

नवरात्रि अर्थात ‘नौ रातें’. यह हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे पूरे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है. इन नौ दिनों में तीन देवियों महालक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा होती है, जिन्हें ‘नवदुर्गा’ कहते हैं. दुर्गा का मतलब जीवन के दुख को हरने वाली है.

तो चलिए करते हैं माता के इन नौ रूपों के दर्शन:

1. मां शैलपुत्री 

दुर्गा मां पहले स्वरूप में ‘शैलपुत्री’ के नाम से जानी जाती हैं. ये ही नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं. पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम ‘शैलपुत्री’ पड़ा था.

2. मां ब्रह्मचारिणी 

मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है. यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है. मां दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों को अनंत फल देने वाला है. इनकी उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है.

3. मां चंद्रघंटा 

मां दुर्गा की तीसरी शक्ति हैं चंद्रघंटा. नवरात्रि में तीसरे दिन इसी देवी की आराधना की जाती है. देवी का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है. कहा जाता है कि हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रख कर साधना करनी चाहिए.

4. मां कूष्माण्डा 

नवरात्रि में चौथे दिन देवी को कूष्मांडा के रूप में पूजा जाता है. अपनी मंद, हल्की हंसी के द्वारा अण्ड यानी ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इस देवी को कुष्मांडा नाम से पहचाना जाता है. जब सृष्टि नहीं थी और चारों ओर अंधकार था, तब इसी देवी ने अपने ईषत्‌ हास्य से ब्रह्मांड की रचना की थी. इसीलिए इसे सृष्टि की आदिस्वरूपा या आदिशक्ति कहा गया है.

5. मां स्कंदमाता 

पहाड़ों पर रह कर सांसारिक जीवों में नवचेतना का निर्माण करने वालीं स्कंदमाता. नवरात्रि में पांचवें दिन इनकी अर्चना की जाती है. कहते हैं कि इनकी कृपा से मूर्ख भी ज्ञानी हो जाता है. स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से अभिहित किया गया है. इनके विग्रह में भगवान स्कंद बालरूप में इनकी गोद में विराजित हैं.

6. मां कात्यायनी 

नवरात्रि में छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है. और उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं.

7. मां कालरात्रि 

मां दुर्गा की यह सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती है अर्थात जिनके शरीर का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है. नाम से ही जाहिर है कि इनका रूप भयानक है. सिर के बाल बिखरे हुए हैं और गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है. अंधकारमय स्थितियों का विनाश करने वाली शक्ति हैं, कालरात्रि.

8. मां महागौरी 

नवरात्रि में आठवें दिन महागौर शक्ति की पूजा की जाती है. नाम से प्रकट है कि इनका रूप पूर्णतः गौर वर्ण है. इनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है. इनके सभी आभूषण और वस्त्र सफ़ेद हैं. इसीलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा कहा गया है.

9. मां सिद्धिदात्री 

मां दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं. ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं. नवरात्रि के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है. इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है. सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य नहीं रह जाता है. ब्रह्मांड पर पूर्ण विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है.

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