जिगर मुरादाबादी: वो शायर जिसने अपनी तमाम ज़िंदगी जैसे मय-कशी के नाम लिख दी, पेश हैं उनके चंद शेर

Rashi Sharma

अर्ज़ किया है, ‘सबब रुस्वाई का होती है मैकशी, जिगर को मैकशी ने मगर मुम्ताज़ कर दिया’.

आज इस आर्टिकल की शुरुआत हम जिगर मुरादाबादी के इस बेहद ही खूबसूरत इस शेर से कर रहे हैं. ‘जिगर’ मुरादाबादी उर्दू के एक ऐसे शायर थे, जिनकी कलम से निकली एक-एक शायरी प्यार में टूटे आशिक की कहानी बयां करता है. जिगर साहब की शायरियों के तो क्या ही कहने दिल के दर्द को वो बख़ूबी शब्दों में पिरो कर शायरी बना देते थे. ‘जिगर’ मुरादाबादी, वो शायर थे, जिन्होंने बेपनाह मुहब्बत की, मगर जब उनका दिल टूटा, तो उन्होंने शराब को अपना सहारा बना लिया. वो शराब में इस कदर डूब गए कि उनकी शायरी में मय-कशी, मय-कदे और मय-कशी की ही ख़ुशबू आने लगी. ‘जिगर’ पीते ज़रूर थे, मगर वो थे बहुत नेक और सलीक़ेमंद इंसान. अक्सर वो लोगों की मदद करके भूल जाया करते थे.

उर्दू शायरी में उनका नाम इसलिए भी लोकप्रिय है क्योंकि ’जिगर’ मुरादाबादी के लिए कहा जाता है कि जिस मुशायरे में वो बैठते थे, फिर उस मुशायरे में दूसरा शायर टिक नहीं पाता था. जिगर मुरादाबादी का असली नाम अली सिकंदर था. जिगर साहब के लिए कहा जाता है, कि वो हुस्न और इश्क़ के क़द्रदान थे और जब-जब उनका दिल टूटा उन्होंने मयखाने का रूख किया. जैसे -जैसे उनके गले से शराब नीचे उतरती थी, उनकी कलम से उनका ग़म शब्दों के रूप में निकलता था.

आज हम आपके लिए जिगर मुरादाबादी के ही कुछ चुनिंदा शेरोन का खज़ाना लेकर आये हैं.

1.

2.

3.

4.

5.

6.

7.

8.

9.

10.

11.

12.

13.

14.

15.

16.

17.

18.

19.

20.

दोस्तों अब समझ आया न कि दर्द को अल्फ़ाज़ देना क्या होता है… जाते-जाते एक और शेर:

‘मुझे उठाने को आया है वाइज़े-नादां,

जो उठ सके तो मेरा साग़रे-शराब उठा

किधर से बर्क़ चमकती है देखें ऐ वाइज़,

मैं अपना जाम उठाता हूं, तू किताब उठा.’

आपको ये भी पसंद आएगा
बेवफ़ा समोसे वाला: प्यार में धोखा मिला तो खोल ली दुकान, धोखा खाये लवर्स को देता है डिस्काउंट
जानिये दिल्ली, नई दिल्ली और दिल्ली-NCR में क्या अंतर है, अधिकतर लोगों को ये नहीं मालूम होगा
जानिए भारत की ये 8 प्रमुख ख़ुफ़िया और सुरक्षा जांच एजेंसियां क्या काम और कैसे काम करती हैं
मिलिए गनौरी पासवान से, जिन्होंने छेनी व हथोड़े से 1500 फ़ीट ऊंचे पहाड़ को काटकर बना दीं 400 सीढ़ियां
ये IPS ऑफ़िसर बेड़िया जनजाति का शोषण देख ना पाए, देखिए अब कैसे संवार रहे हैं उन लोगों का जीवन
अजय बंगा से लेकर इंदिरा नूई तक, CEO भाई बहनों की वो जोड़ी जो IIM और IIT से पास-आउट हैं