बच्चे पर्यावरण के बारे में कितना जानते होंगे? ये 7 साल की बच्ची US से भारत 750 पौधे लगाने आई है

Shubham

इस पृथ्वी ने हमें चलने के लिए जमीन, अन्न उगाने के लिए खेत, पीने के लिए पानी और न जाने कितनी अनगिनत चीज़ें दी हैं. ये न होती, तो हमारा भी अस्तित्व न होता. ये बात जानते हुए भी हम पृथ्वी को बर्बाद करने का कोई मौका नहीं छोड़ते. भले ही ये बात हमें नहीं समझ आ रही, लेकिन 7 साल की ईशा बलोखरा को बख़ूबी समझ आती है इसीलिए ईशा और उसके परिवार ने अपने हर जन्मदिन पर एक पौधा लगाने का फ़ैसला किया है और वो ऐसा करते हुए 750 पौधे लगाना चाहते हैं.

पापा ने अपने जन्मदिन पर बेटी को दिया ये नेक तोहफ़ा

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जब ईशा अपने स्कूल में ग्लोबल वॉर्मिंग के नुकसान और पेड़ों की ज़रूरत के बारे में जान रही थी, तो ईशा के पापा का जन्मदिन नज़दीक आ रहा था. ईशा ने अपने पापा से पूछा कि वो अपना जन्मदिन कैसे मनाने वाले हैं, तो उन्होंने इसे अपनी बच्ची पर छोड़ दिया.

ईशा ने पापा से कहा,

‘आप अपना जन्मदिन पृथ्वी पर एक और साल बिताने की ख़ुशी में मनाते हैं. इसलिए हम पृथ्वी को शुक्रिया करने के लिए क्या कर सकते हैं? क्यों न इस बार एक पौधा लगाएं? मेरे टीचर ने बताया है कि एक पेड़ 6 लोगों को ज़िन्दा रहने के लिए ऑक्सीजन देता है’.

अपनी बेटी की इस नेक पहल के लिए ईशा के पापा तुरंत मान गए. अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए ईशा अमेरिका से नई दिल्ली आई.

ईशा अमेरिका के न्यू जर्सी में रहती है. वो जून 2017 में अपने दादा-दादी की शादी की 50वीं सालगिरह में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आई थी. यहीं से ईशा ने 750 पौधे लगाने के अपने लक्ष्य की शुरुआत की है. इस काम में मदद के लिए ईशा और उसके परिवार ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी मदद मांगी है.

दलेर मेहंदी की संस्था भी कर रही मदद

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दोस्तों और रिश्तेदारों के अलावा मशहूर पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी की संस्था ‘Green Drive’ भी ईशा के इस नेक काम में मदद कर रही है. ईशा के इस पहल को दलेर मेहंदी ने ‘Isha Daler Oxygenate Drive’ नाम दिया है. Green Drive ने 1998 से लेकर अब तक, दिल्ली एनसीआर में 80000 से ज़्यादा पौधे लगाए हैं. दलेर मेहंदी ने ख़ुद पिछले महीने दिल्ली में 250 पौधे लगाए.

ईशा जैसे कई बच्चे हैं, जिन्हें पृथ्वी को बचाने की फ़िक्र है, लेकिन ये बात बहुत से बड़ों को समझ नहीं आती. जब एक 7 साल की बच्ची इस नेक पहल को शुरू कर सकती है, तो हमें इस पहल में अपने स्तर पर उसका साथ देना चाहिए.

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