इन पहेलियों को सुलझाने के लिए चाणक्य-सी नीति और अरस्तु-सा दिमाग़ चाहिए

Sumit Gaur

अख़बार में आने वाली पहेलियों को आपने बचपन में तो खेला ही होगा, वही पहेलियां, जिनमें कभी किसी छुपे हुए चोर को ढूंढ़ना होता था, तो कभी किसी आदमी को उसके घर का रास्ता बताना होता था. आज हम आपको फिर पहेलियों की दुनिया में ले जा रहे हैं, जो बचपन में कभी हमारा टाइम पास हुआ करती थीं. पर अब तो बड़े हो गये हैं न? इसलिए इन पहेलियों का लेवल थोड़ा बढ़ा देते हैं. तो इंतज़ार किस बात का है, दिमाग के घोड़े दौड़ाइए और इन पहेलियों को सुलझाने में लग जाइये.

पहली नज़र में ये तस्वीर बड़ी ही आम सी दिखाई दे रही होगी, पर अगर हम कहें कि पार्क में जाने की कोशिश कर इन तीनों लड़कों पर कोई नज़र रखे हुए है. आप कहेंगे कि हमें तो वो नज़र रखने वाला बंदा दिखाई नहीं दे रहा, तो भइया यही पहेली है कि आपको इन पर नज़र रखने वाले बंदे को ढूंढ़ना है.

क्या हुआ इतनी जल्दी हार मान गए?

थोड़ी कोशिश तो करो.

छोड़ो यार तुम्हारे बस की बात नहीं है.

लो हम ही बता रहे हैं.

यहां क्लिक कर के देख लो. 

चलो यार दूसरी पहेली पर चलते हैं. ये तस्वीर दिखाई दे रही हैं न? इसमें कुछ बहुत बड़ी गड़बड़ी है.

सोच क्या रहे हो? दिमाग चलाओ.

अरे नहीं यार डस्टबिन में कुछ नहीं है.

तुम बस वही देखते रहो.

भइया जो महीना 30 दिनों का होता है, उसमें 31 तारीख कैसे?

चलो यार पुरानी बातें छोड़ दो, अब नई पहेली पर आते हैं.

ये तस्वीर दिख रही है न? इसमें इन दोनों औरतों के अलावा एक बिल्ली भी है, अरे वो काली वाली नहीं.

हां उसे छोड़ कर इसमें एक और बिल्ली छुपी हुई है, तो फिर से दिमाग चलाओ और ढूंढ़ निकालो उसे.

हां…हां….

कोशिश करते रहो.

शाबाश ऐसे ही.

क्या हुआ नहीं मिली

हद है यार, तुमसे कुछ होता भी है?

चलो हम ही बता रहे हैं

यहां क्लिक करो और देख लो ये बिल्ली कहां छुपी थी?

ये थोड़ा-सा मुश्किल ज़रूर है, पर नामुमकिन भी नहीं है. इस तस्वीर में ये बंदा अपने तीन दोस्तों को ढूंढ़ने की कोशिश कर रहा है.

आपको कहीं कोई दिख रहा है क्या?

अरे मज़ाक नहीं कर रहे, इस पहेली को बनाने वाली कंपनी का दावा है इस पहेली को अब तक सिर्फ़ 1% लोग ही पूरा कर पाए हैं.

कहा था पहले ही थोड़ी मुश्किल है, पर नामुमकिन नहीं है इसलिए कोशिश करते रहो.

तुम्हारे बस का कुछ नहीं है.

लो यहां क्लिक करके तुम ही देख लो.

क्या हुआ नहीं समझ आया? लो अब ध्यान से देखो.

इस तस्वीर में दिखाई दे रहे लड़के छुपा-छुपी खेल रहे थे. सभी बंदे तो मिल गए पर एक बंदे ने इनकी नींद उड़ा दी.

अब भइया उन्हें तो वो पांचवां बंदा मिला नहीं, तुम ही थोड़ी कोशिश कर लो.

थोड़ी तो कोशिश किया करो यार!

नहीं मिला?

लो यार हम ही बता देते हैं.

अब क्लिक भी करोगे?

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