कभी सोचा है कि Blind लोग सिर्फ़ काला चश्मा क्यों पहनते हैं? चलिए आज ये जान लेते हैं

Abhay Sinha

Why Blind People Wear Black Sunglasses: आपने नेत्रहीन लोगों को अक्सर काला चश्मे पहने देखा होगा. शायद आप सोचते हों कि उन्होंने ऐसा अपनी आंखें दुनिया से छिपाने के लिए किया होगा. मगर वास्तव में ऐसा नहीं है. दरअसल, ऐसा डॉक्टर की सलाह पर किया जाता है, ताकि उनकी आंखों को और ज़्यादा नुक़सान न पहुंचे.

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मगर सवाल ये है कि जब कोई शख़्स नेत्रहीन है तो फिर उसकी आंखों को और क्या नुक़सान पहुंच सकता है और काले चश्मे से उन्हें राहत कैसे मिलती है? आज हम आपको इसी सवाल का जवाब देंगे.

Why Blind People Wear Black Sunglasses-

नेत्रहीन (Blindness) शब्द बहुत व्यापक है. ऐसा नहीं होता है कि कोई शख़्स देख नहीं सकता तो इसका मतलब वो पूरी तरह नेत्रहीन ही है. हक़ीक़त में ज़्यादातर नेत्रहीन लोगों की आंखें कुछ हद तक चीज़ों को देख पाती हैं. इसमें से कुछ रंग और शेप तक पहचान सकते हैं. महज़ 15 फ़ीसदी ही लोग पूरी तरह नेत्रहीन होते हैं और उन्हें कुछ भी नज़र नहीं आता.

ऐसे लोगों को चीज़ें देखने में काले चश्मे से मदद मिलती है. साथ ही, रौशनी से बचने में भी ये मदद करता है. क्योंकि, आंखों की रोशनी जाने के बाद लोगों को प्रकाश से एक तरह की दिक्‍कत महसूस होती है, इसे फ़ोटोफोबिया कहते हैं.

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अल्‍ट्रावायलेट किरणों से करता है सुरक्षा

रिपोर्ट के मुताबिक, सूरज से अल्‍ट्रावायलेट किरणें निकलती हैं, जो नेत्रहीन लोगों की आंखों को और भी ज़्यादा नुक़सान पहुंचा सकती हैं. इससे बचने के लिए भी डॉक्टर उन्हें काला चश्मा लगाने की सलाह देते हैं. मोतियाबिंद के मरीज़ भी इसीलिए काला चश्मा पहनते हैं, क्योंकि, उनकी आंखों की रौशनी जाने का ख़तरा होता है. यहां तक सामान्य व्यक्ति भी ख़ुद को बचाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं. (Why Blind People Wear Black Sunglasses)

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आंखों की सुरक्षा के लिए है ज़रूरी

काला चश्मा पहनने से न सिर्फ़ रौशनी और अल्‍ट्रावायलेट किरणों से सुरक्षा होती है, बल्कि धूल-मिट्टी के कण भी आंखों में नहीं जाते. इससे आंखों में इंजरी का ख़तरा कम होता है. क्योंकि, ऐसा न करने पर आंखों की थोड़ी बहुत भी देखने की क्षमता पर धूल-मिट्टी के कण बुरा असर डाल सकते हैं.

ये भी पढ़ें: आख़िर क्यों ‘टायर’ का रंग हमेशा काला ही होता है, क्या है इसके पीछे की कहानी?

इसके अलावा एक कारण ये भी है कि जब कोई काला चश्मा पहने होता है तो लोग समझ जाते हैं कि वो नेत्रहीन है. ऐसे में उसे आम ज़िंदगी में लोगों से मदद भी मिल जाती है.

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