42 दिनों से घर नहीं गया ये 65 साल का एंबुलेंस ड्राइवर, कहा- कोरोना को मात देकर वापस लौटूंगा

Abhay Sinha

कोरोना वायरस पूरे देश पर क़हर बरपा रहा है. हर रोज़ संक्रमण के नए केस सामने आ रहे हैं. ज़्यादतर राज्यों में हालत खराब है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग हैं, जिन्होंने इस महामारी को देश से जड़ से उखाड़ फेंकने की कसम खा रखी है. 65 साल के एंबुलेंस ड्राइवर बाबू भारती भी ऐसे ही लोगों में एक हैं. 

timesofindia

उन्होंने तय कर लिया है कि जब तक वो यूपी के संभल जिले को कोरोना मुक्त ग्रीन ज़ोन में तब्दील नहीं कर देते, तब तक वो अपने घर नहीं जाएंगे. यहां तक कि वो रमज़ान में भी घर नहीं लौटेंगे. 

Times of India को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘मैं एंबुलेंस में सोता हूं. ट्यूबवेल मिलने पर नहा लेता हूं. मेरे खाने की व्यवस्था जिला अस्पताल की ओर से की जाती है, जहां मैं काम करता हूं. मैंने कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ जंग जीतने के बाद ही घर जाने का फ़ैसला किया है.’ 

amarujala/Image for Representation

भारती 17 हज़ार रुपये पर जिला अस्पताल के लिए काम करते हैं. वो 42 दिन से अपने परिवार से नहीं मिले हैं. 

‘मैं हर सुबह अपने परिवार से बात करता हूं ताकि उन्हें आश्वस्त कर सकूं कि मैं सुरक्षित हूं. मैं वापस नहीं जा सकता क्योंकि यहां मेरी ड्यूटी है. संक्रमण दर बढ़ने के साथ, संदिग्ध रोगियों को परीक्षण के लिए ले जाने के लिए एम्बुलेंस सेवाओं की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई.’ 

रैपिड एक्शन टीम के प्रभारी डॉ. नीरज शर्मा ने उनके काम की सरहाना करते हुए कहा कि, ‘हम जिला अस्पताल में परीक्षणों के लिए लगभग 1,100 संदिग्ध कोरोना वायरस मरीज़ों को लाए हैं और उनमें से कम से कम 700 को भारती लेकर लाए गए. उनका समर्पण बेमिसाल है. दिन हो रात वो हमेशा एंबुलेंस के साथ तैयार रहते हैं.’ 

amarujala/Image for Representation

जब भारती से उनकी ख़ुद की सेहत के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वो पूरी तरह से ऐहतियात बरत रहे हैं. सैनिटाइजेशन और मास्क वगैरह सबका ध्यान रखते हैं. 

आपको ये भी पसंद आएगा
मिलिए Chandrayaan-3 की टीम से, इन 7 वैज्ञानिकों पर है मिशन चंद्रयान-3 की पूरी ज़िम्मेदारी
Chandrayaan-3 Pics: 15 फ़ोटोज़ में देखिए चंद्रयान-3 को लॉन्च करने का गौरवान्वित करने वाला सफ़र
मजदूर पिता का होनहार बेटा: JEE Advance में 91% लाकर रचा इतिहास, बनेगा अपने गांव का पहला इंजीनियर
कहानी गंगा आरती करने वाले विभु उपाध्याय की जो NEET 2023 परीक्षा पास करके बटोर रहे वाहवाही
UPSC Success Story: साइकिल बनाने वाला बना IAS, संघर्ष और हौसले की मिसाल है वरुण बरनवाल की कहानी
कहानी भारत के 9वें सबसे अमीर शख़्स जय चौधरी की, जिनका बचपन तंगी में बीता पर वो डटे रहे