दुनिया से लड़ कर अपने दिव्यांग बेटे के लिए खड़ी रही एक मां, अपनी मेहनत से बनाया बेटे को इंजीनियर

Sumit Gaur

हाल ही में सारी दुनिया ने मिल कर ‘मदर्स डे’ मनाया था. लोग सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया पर दबा कर अपनी मां को याद करके उनके साथ फ़ोटो शेयर कर रहे थे. हालांकि ‘मदर्स डे’ को बीते हुए कई दिन हो गए हैं, पर मां की कभी न ख़त्म होने वाली कहानियां आज भी सुनाई जा रही हैं.

ऐसी ही कई कहानियों से एक कहानी है Zou Hongyan की, जिन्होंने 1988 में एक बच्चे को जन्म दिया. जन्म के समय से ही इनका बच्चा सेरिब्रल पाल्सी का शिकार हो कर अपंगता का शिकार हो गया था. डॉक्टरों ने बच्चे की हालत को देखते हुए Zou को बच्चे को छोड़ देने की सलाह दी, पर Zou अपने बच्चे को खुद से दूर नहीं करना चाहती थी. इसकी वजह से उनके पति भी नाराज़ हो गए और उन्हें छोड़ दिया.

इसके बाद बच्चे की सारी ज़िम्मेदारियों का भार Zou के सिर आ गया, जिसे निभाने के लिए उन्होंने एक दिन में तीन-तीन जगहों पर काम किया. इसके साथ ही वो अपने बेटे को रोज़ाना की ज़रूरी चीज़ें भी सिखाने लगी. 

चाइना पोस्ट को दिए गए अपने इंटरव्यू में Zou कहती हैं कि ‘मैं अपने बेटे के साथ कई बार सख्ती से भी पेश आई क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि मेरा बेटा कभी खुद को कमजोर समझे.’

आख़िरकार Zou की मेहनत रंग लाई और उनके 29 वर्षीय बेटे ने पीकिंग यूनिवर्सिटी से एनवायर्नमेंटल साइंस में इंजीनियरिंग की. इसके अलावा हाल ही में Ding Ding ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में लॉ स्टूडेंट के रूप में दाखिला लिया है.

Ding की इस उपलब्धि के पीछे Zou ने किस कदर मेहनत की होगी शायद हम भी उसे महसूस कर सकते हैं.

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