आतंकवाद के खिलाफ़ फ्रांस हुआ अलर्ट, अब एफेल टावर होगा बुलेटप्रूफ शीशे की दीवारों से लैस

Vishu

देश में बढ़ती आतंकी घटनाओं के मद्देनजर फ्रांसीसी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. पेरिस प्रशासन के मुताबिक, दुनिया के सात अजूबों में शुमार एफेल टावर अब जल्द ही एक बुलेटप्रूफ शीशे की दीवार के बीच घिरा नजर आ सकता है. पेरिस प्रशासन के मुताबिक, 8 फीट लंबी इस दीवार का मकसद एफेल टावर को आतंकी हमलों से बचाना है.

इन दीवारों की कीमत पर लगभग 20 मिलियन पाउंड का खर्च आएगा और इसे टावर के उत्तर और दक्षिण भाग में बनाया जाएगा. वहीं इसके पश्चिमी और पूर्वी हिस्से में मौजूद बैरियर्स को भी हटाया जाएगा. गौरतलब है कि ये बैरियर्स 2016 के यूरो फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान लगाए गए थे और इनके स्थान पर अब आकर्षक दीवार को स्थापित किया जाएगा.

पेरिस के डिप्टी मेयर ने एक प्रेस कॉफ्रेंस में कहा कि पेरिस में आतंकी हमलों की आशंका बराबर बनी हुई हैं और शहर के सबसे संवेदनशील स्मारक होने के चलते एफेल टावर की सुरक्षा के लिए ये कदम जरूरी था.

हालांकि फ्रांस के एक अखबार के मुताबिक, कई काउंसलर्स को डर है कि इन दीवारों के बनने से एफेल टावर कहीं एक किले में तब्दील हो कर न रह जाए. उन्हें डर है कि इस दीवार के बाद कई ऐसे  पर्यटकों को  निराशा हो सकती है जिनका मकसद यहां आकर केवल तस्वीर खिंचवाना होता है.

वहीं दूसरी तरफ फ्रेंच प्रशासन का दावा है कि इन बैरियर्स के हटने के बाद लोग एफेल टावर को और भी बेहतर ढंग से देख सकेंगे. 324 मीटर ऊंचे एफेल टावर को देखने हर साल लगभग 60 लाख लोग दुनिया भर से पहुंचते हैं.

गौरतलब है कि जनवरी 2015 से जुलाई 2016 के बीच फ्रांस में जिहादी हमलों से 238 लोगों की जानें गई हैं. इसी को देखते हुए देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों, ट्रांसपोर्ट हब्स और धार्मिक जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा की व्यवस्था की गई है.

फ्रांस में पिछले सप्ताह भी लोवयेर म्यूज़ियम के पास एक शख़्स ने एक पुलिसवाले पर चाकू से हमला किया था जिसके बाद पुलिस ने उसके पेट में गोली मार दी थी. 29 साल का ये व्यक्ति मिस्त्र का बताया जाता है. ये भी गौर करने लायक बात है कि ठीक उसी दिन फ्रांस 2024 समर ओलंपिक के लिए बोली भी लगा रहा था. 

इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे अधिकारियों के मुताबिक एफेल टावर पर इस दीवार के निर्माण के तीन मुख्य मकसद हैं. टावर के लुक को बेहतर बनाना, पर्यटकों और स्टाफ के लिए सुरक्षा को और मज़बूत करना और आतंकी हमलों से टावर की सुरक्षा को सुनिश्चित करना. माना जा रहा है 1889 में तैयार हुए एफेल टावर में इन दीवारों के बाद से काफी बदलावों की भी उम्मीद की जा सकती है. 

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