देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना का क़हर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. दिल्ली में अब तक कोरोना से 32,810 लोग संक्रमित हो चुके हैं. जबकि 984 लोगों की मौत हो चुकी है.
दिल्ली में कोरोना वायरस से हुई मौतों को लेकर एमसीडी और दिल्ली सरकार आमने-सामने आ गई हैं. दिल्ली के तीनों नगर निगमों का आरोप है कि दिल्ली सरकार कोरोना वायरस से हुई मौतों का ग़लत आंकड़ा पेश कर रही है.
इस बीच दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने कोरोना के कारण मरने वालों के चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं. MCD का कहना है कि दिल्ली में अब तक कोरोना से 984 नहीं बल्कि 2098 लोगों की मौत हो चुकी है. इस तरह देखा जाए तो दोनों के आंकड़ों में दोगुने से भी अधिक का अंतर है.
ANI से बातचीत में नॉर्थ दिल्ली नगर निगम स्टैंडिग कमेटी के चेयरमैन जयप्रकाश ने कहा कि, अगर दिल्ली सरकार चाहती है तो एमसीडी सारे आंकड़े देने के लिए तैयार है. अकेले दक्षिणी दिल्ली में ही कोरोना से 1080 लोगों की मौत हो चुकी है. उत्तरी दिल्ली में 976 लोगों की मौत जबकि पूर्वी दिल्ली में 42 लोगों की मौत हो चुकी है.
MCD चेयरमैन जयप्रकाश ने ये दावा भी किया कि उनके पास मौतों के सारे आंकड़े मौजूद हैं. तीनों नगर निगमों के पास भी मौत के अलग-अलग आंकड़े हैं. इनमें किसी तरह की कोई ग़लती होने की गुंजाइश नहीं है क्योंकि मौत के आंकड़ों को ना तो कम किया जा सकता है और न बढ़ाया जा सकता है.
जयप्रकाश ने बताया कि, शवों के अंतिम संस्कार या दफ़नाते वक़्त अस्पतालों द्वारा बताया जाता है कि कितने लोगों की मौत कोरोना वायरस की बीमारी से हुई है. शवों के साथ बाकायदा पर्ची लगी हुई आती है और इससे साफ़ पता लग जाता है कि किसकी मृत्यु किस कारण से हुई है. दिल्ली सरकार ने सहयोग नहीं कर रही है. इसी वजह से मौत के आधिकारिक आंकड़ों में अंतर देखा जा रहा है.
जानकारी दे दें कि दिल्ली सरकार पर इससे पहले भी आधिकारिक आंकड़ों को सही तरीके से पेश न करने के आरोप लग चुके हैं.