June 11, 2019 13:31:12

UP के CM योगी आदित्यनाथ पर एक ट्वीट कर जेल गए पत्रकार को कोर्ट ने जल्द से जल्द रिहा करने को कहा

by Kundan Kumar

उत्तरप्रदेश पुलिस द्वारा स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कन्नौजिया को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मानहानी के आरोप में गिरफ़्तार करने पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस को फटकार लगाई है और जल्द से जल्द प्रशांत को रिहा करने की बात की है.

Source: NewsClick

कोर्ट ने कहा कि वो प्रशांत द्वारा किए गए ट्वीट की तरफ़दारी नहीं कर रहे लेकिन इसके लिए 22 जून तक हिरासत में रखना भी जायज़ नहीं होगा.

दरअसल कुछ दिनों पहले UP पुलिस पत्रकार प्रशांत को दिल्ली स्थित उनके घर से उठा कर ले गयी. इसका कारण ये दिया गया कि प्रशांत ने ट्विटर पर CM योगी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक ट्वीट शेयर करने के चार्जेज़ लगे हैं. प्रशांत के ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया गया, जिसमें ये लिखा था:

न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी और अजय रस्तोगी की वैकेशन बेंच इस मुक़दमे की सुनवाई कर रही थी. न्यायाधीश बनर्जी ने कहा, 'नागरीक की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन हुआ है'.

प्रशांत की गिरफ़्तारी पर सवाल उठाते हुए न्यायाधीश बनर्जी ने कहा, 'हम उन ट्वीट्स की तरफ़दारी नहीं कर रहे, लेकिन क्या आप इसके लिए किसी को सलाखों के पीछे डाल सकते हैं?'. प्रशांत के ऊपर लगाई गई धाराओं पर जजों ने सवाल उठाए. बता दें कि पत्रकार के ऊपर धारा 505 लगाकर ग़ैरज़़मानती वॉरेंट जारी किया गया था.

फ़ैसले को पढ़ते वक़्त न्यायाधीश बनर्जी ने कहा, 'तकनीकी कारणों का हवाला देकर हम चुपचाप हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठे रह सकते. हम याचिकर्ता के पति को इस आधार पर तरुंत बेल पर रिहा करने का निर्देश देते हैं.'

Source: The Quint

 

 

More from ScoopWhoop Hindi