बेरूत में हुए धमाके के बाद बिखरे शहर को तिनका-तिनका समेटते युवा, हिम्मत और एकता की मिसाल हैं

Ishi Kanodiya

बीते मंगलवार को लेबनान की राजधानी बेरुत में एक भीषण बम धमाका हुआ था. जिसमें 150 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई है और 5,000 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं.  

बेरुत बंदरगाह के गोदाम में लगभग 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट की वजह से ये विस्फोट हुआ था जो पिछले 6 सालों से वहां बिना किसी सुरक्षा के रखा हुआ था. 

धमाका इतना भयानक था की कई किलोमीटर दूर तक मकान, अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गए.  

धमाके के बाद शहर का एक बहुत बड़ा युवा वर्ग लोगों की मदद के लिए आगे आया है. हाथों में झाड़ू लिए सैकड़ों युवा शहर को साफ़ करने में लग गए हैं.  

reuters
reuters

इतना ही नहीं धमाके में जिन लोगों के घर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं आम लोगों ने उनके लिए अपने घरों के दरवाज़े खोल दिए हैं. AFP की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर के शहरों ने क्षतिग्रस्त घरों और लोगों की मदद करने की पेशकश की है.Maronite Catholic patriarchate ने अपने मठों और धार्मिक स्कूलों को खोलने की घोषणा की है.  

reuters

लेबनानी कार्यकर्ता प्रभावित लोगों के खाने और दवा का भी इंतज़ाम कर रहे हैं. दान की गई पानी की बोतलों, सैंडविच और स्नैक्स जैसी चीज़ों का बंदोबस्त कुछ ही घंटों में कर लिया गया था. 

reuters

दरवाज़ों की मरम्मत, क्षतिग्रस्त दीवारों को रंगने या टूटी खिड़कियों को मुफ़्त में बदलने जैसे प्रस्ताव भी लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं.  

30 साल के मोहम्मद सुयूर जो सड़कों से मलबा हटाने में लोगों की मदद कर रहे हैं उनका कहना है, ‘वो लोग AC में बैठे हुए हैं जबकि लोग यहां सड़कों पर परेशान हो रहे हैं.’  

reuters

भीषण विस्फोट के बाद सरकार ने फ़िलहाल दो सप्ताह के लिए आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है.  

आपको ये भी पसंद आएगा
मिलिए Chandrayaan-3 की टीम से, इन 7 वैज्ञानिकों पर है मिशन चंद्रयान-3 की पूरी ज़िम्मेदारी
Chandrayaan-3 Pics: 15 फ़ोटोज़ में देखिए चंद्रयान-3 को लॉन्च करने का गौरवान्वित करने वाला सफ़र
मजदूर पिता का होनहार बेटा: JEE Advance में 91% लाकर रचा इतिहास, बनेगा अपने गांव का पहला इंजीनियर
कहानी गंगा आरती करने वाले विभु उपाध्याय की जो NEET 2023 परीक्षा पास करके बटोर रहे वाहवाही
UPSC Success Story: साइकिल बनाने वाला बना IAS, संघर्ष और हौसले की मिसाल है वरुण बरनवाल की कहानी
कहानी भारत के 9वें सबसे अमीर शख़्स जय चौधरी की, जिनका बचपन तंगी में बीता पर वो डटे रहे