भारत में मोबाइल नंबर 10 अंकों का ही होता है, जानना चाहते हो ऐसा क्यों?

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वर्तमान में दुनिया के अधिकतर देशों में मोबाइल नंबर (Mobile Number) 10 से 11 अंकों के ही होते हैं. हालांकि,  तकनीकी कारणों से ब्रिटेन और चीन में मोबाइल नंबर अब 11 अंकों तक चले गए हैं. भारत में 10 डिजिट के ही मोबाइल नंबर होते हैं. हालांकि, साल 2003 तक भारत में 9 डिजिट के मोबाइल नंबर हुआ करते थे, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया था.

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हमें 10 डिजिट का कोई नंबर याद हो या न हो, लेकिन अपना 10 डिजिट का फ़ोन नंबर हर किसी को याद होता है. हम 5 सेकंड से भी कम समय में सामने वाले को अपना फ़ोन नंबर बता देते हैं. ये हमारे दिमाग़ में इस तरह से फ़ीड रहता है कि हम इसे भूल ही नहीं पाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की कि भारत में मोबाइल नंबर 10 अंकों का ही क्यों होता है?

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भारत में अक्सर लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि मोबाइल नंबर 10 अंकों का ही क्यों होता है? आख़िर क्या है इसके पीछे की वजह? तो चलिए आज इसके पीछे की असल वजह भी जान लेते हैं.

दरअसल, भारत में मोबाइल नंबर 10 Digits का होने के पीछे सरकार की ‘राष्ट्रीय नंबरिंग योजना’ यानी NNP है. अगर मोबाइल नंबर केवल 1 डिजिट का होता, तो 0 से 9 तक के केवल 10 अलग-अलग ही नंबर बन सकेंगे. ऐसे में इन 10 नंबरों का इस्तेमाल केवल 10 लोग कर सकेंगे. वहीं, अगर मोबाइल नंबर 2 डिजिट का होता, तो 0 से 99 तक केवल 100 नंबर ही बन पाएंगे, जिसका उपयोग केवल 100 लोग ही कर सकेंगे.

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जनसंख्या है मुख्य कारण

भारत में 10 डिजिट का मोबाइल नंबर बनाये जाने के पीछे की सबसे बड़ी वजह है देश की 130 करोड़ की आबादी. अगर भारत में 9 डिजिट का मोबाइल नंबर होगा तो भविष्य में लोगों को और मोबाइल नंबर नहीं दिए जा सकते हैं. लेकिन मोबाइल नंबर (Mobile Number) 10 अंकों का बनाए जाने से गणना के हिसाब से 1000 करोड़ अलग-अलग नंबर बनाए जा सकते हैं. ऐसे में 130 करोड़ की आबादी को आसानी से मोबाइल नंबर बांटे जा सकते हैं. इसलिए भारत में 10 अंकों का मोबाइल नंबर जारी किया गया है.

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बता दें कि भारत में साल 2003 तक 9 डिजिट के मोबाइल नंबर हुआ करते थे, जिस हिसाब से भारत में केवल 109 करोड़ मोबाइल नंबर ही बांटे जा सकते थे. लेकिन अब हमारी आबादी 130 करोड़ से अधिक है तो जाहिर सी बात है कि हमारे पास 9 अंकों का सेल फ़ोन नंबर नहीं हो सकता. देश की बढ़ती आबादी के साथ 9 डिजिट का मोबाइल नंबर बदलकर 10 डिजिट का हो गया.

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साल 2019 में ख़बर आईं थी कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) भारत में मोबाइल नंबर 10 Digits से 11 Digits का करने जा रहा है, लेकिन ट्राई ने इस तरह के किसी भी प्रस्ताव का खंडन किया था और ऐसी ख़बरों को अफ़वाह बताया था. हालांकि, ट्राई ने ये सिफ़ारिश ज़रूर की थी कि सरकार को देश में ग्राहक आधार में अपेक्षित वृद्धि को पूरा करने के लिए Fixed-Line और Mobile Network के लिए एक नई ‘राष्ट्रीय नंबरिंग योजना’ शुरू करनी चाहिए.   

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