हमारे देश का इतिहास काफ़ी पुराना है. भारत का नाम इतिहास के उन पन्नों में भी मिलता है, जिसके वक़्त का पता अभी तक नहीं चल पाया है. लेकिन इन सब के बीच कई ऐसी भी चीज़े हैं, जो हमारी धरोहरें तो हैं, लेकिन हमने कभी भी उनकी परवाह नहीं की.

12 वीं सदी का ये शिव मंदिर कर्नाटक के जिले हसन में है. इस मंदिर के हालात काफ़ी खराब थे. ध्यान न दिए जाने के कारण ये लगभग विलुप्त होने की कगार पर था. लेकिन वहीं के एक परिवार ने इसे दोबारा बनाने की ठानी है.

Ugra परिवार के शख़्स ने इस मंदिर के ठीक किए जाने की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की. ये मंदिर शांतिग्राम नामक एक गांव में है और ये गांव हसन शहर से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर है.

ये मंदिर सन 1123 में विष्णुवर्धन नाम के राजा ने बनवाया था. 1566-1568 के बीच इस मंदिर को इस्लामिक लुटेरों द्वारा लूटे जाने के भी प्रमाण मिलते हैं. ये वो दौर था जब दक्षिण के हिस्सों में होने वाले लगातार हमलों ने वहां के राजाओं को बुरी तरह से आहत किया था और ज़्यादातर राजाओं की हार हुई थी.

इन हमलों ने सबसे बुरा असर वहां के मंदिरों पर डाला था. जिसका प्रमाण 12वीं सदी का ये मंदिर साफ़-साफ़ दे रहा है. लेकिन Ugra परिवार ने इसे दोबारा आकार देने की ठानी है और इसके लिए काम भी शुरू कर दिया गया है.

Ugra परिवार इस बात को मानता है कि इस मंदिर की खूबसूरती को वो वापिस नहीं ला सकते. लेकिन हां, ये उनकी धरोहर है, जिसे बचाने और सम्भालने के लिए वो पूरी तरह से तैयार हैं.

भारत में इस जैसे न जाने कितने मंदिर हैं, जिनके इतिहास के बारे में हम नहीं जानते. कई तो भारत की धरोहर हैं, लेकिन न तो सरकार और न ही पुरातत्व विभाग को इनकी सुध लेने की ज़रूरत दिखाई देती है. इस तरह से हम न सिर्फ़ अपने देश की धरोहरों को खो रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी देश के इतिहास से दूर कर रहे हैं.

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