महिलाओं को लेकर बेहुदे बयान देने वाले नेताओं की फ़ेहरिस्त में कोडेला शिव प्रसाद ने अपना नाम भी जुड़वा लिया है. आंध्र प्रदेश के स्पीकर ने कहा "औरतें कार की तरह हैं, उन्हें घर में पार्क कर के रखेंगे, तो एक्सीडेंट भी नहीं होंगे." उनका कहना है कि रेप से बचने के लिए औरतों को घर में बंद कर के रखना चाहिए. महिलाओं को जब समाज में एक्सपोज़र मिलता है, तब वो ऐसी घटनाओं की शिकार हो जाती हैं.

आंध्र प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष शिव प्रसाद ने एक प्रेस वार्ता में ये बातें कहीं. तेलगुदेशम पार्टी से विधायक कोडेला शिव प्रसाद महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर अपनी राय रख रहे थे.

उनके विवादित बयान पर बवाल शुरू हो गया है. सोशल मीडिया पर तो थू-थू हो रही है. वैसे हैरान करने वाली बात तो ये है कि कोडेला ने यह बयान महिला सशक्तीकरण पर आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में दिया.

हालांकि, बाद में उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ, तो वह बोले कि मेरे कहने का अर्थ महिलाओं को घर में रखने से नहीं था. उन्हें पढ़ना-लिखना चाहिए और नौकरी करनी चाहिए, लेकिन अपनी हिफाज़त के लिए खुद भी कदम (मार्शल आर्ट आदि) उठाने चाहिए. सिर्फ कानून बनाने से कुछ नहीं होगा.

तीन दिवसीय नेशनल वुमन पार्लियामेंट के तहत यह कॉन्फ्रेंस आयोजित कि गई थी. इसमें देश-दुनिया से करीब 10 हज़ार महिलाएं शामिल हुई थीं, जिनमें सांसद, नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और बिज़नेसवुमन शामिल थीं.

शायद ये बेतुका बयान देते वक़्त कोडेला शिव प्रसाद जी भूल गए थे कि न तो गाड़ियां गेराज में खड़ी कर के रखने के लिए होती हैं और न ही महिलाएं घरों में बंद कर के रखने के लिए.

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