डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही विश्व का एक हिस्सा उनके विरोध में उतर आया है. उनके विरोध में खड़ी भीड़ एक सुर से बगावत करती नज़र आ रही है. उनके देश अमेरिका में भी उनके समर्थकों से ज़्यादा उनके विरोधी ही दिख रहे हैं. हमको ये बात समझ नहीं आ रही कि जब ट्रंप के विरोधी इतने हैं, तो उन्हें वोट किसने दिया फिर? अब ट्रंप के विरोधी हर माध्यम पर अपना विरोध जाहिर कर रहे हैं. कुछ गुमनाम हैकर्स ने ट्रंप सरकार के खिलाफ़ 'Call To Action' जारी करने का ऐलान किया है. इसका मतलब ये होता है कि लोगों को किसी खास कार्रवाई के लिए बुलावा देना. ट्रंप के साथ ही साथ हैकर्स ने पूरे अमेरिका के विरोध में कार्रवाई करने का ऐलान किया है.

एक ट्विटर अकाउंट पर हैशटैग #BDStheUS (Boycott, Divest & Sanction the US) के साथ उन्होंने लिखा है कि पूरी दुनिया के लोगों, अमेरिका का बायकाॅट करो, उसका सब कुछ छीन लो और उसे प्रतिबंधित कर दो. इन अनजान लोगों ने अमेरिकी वर्कर्स से ऐसी अपील की है कि हड़ताल पर चले जाओ और बाकी दुनिया के लोगों से कहा है कि अमेरिकी वस्तुओं का बायकाॅट कर दो. इतना ही नहीं, इन लोगों ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूज़ किये जा रहे एंड्राइड फ़ोन को हैक करने के लिए गाइड भी पब्लिश की है और ये भी धमकी दी है कि वो लोग ट्रंप का रूस के साथ छुपे रिश्ते को सार्वजनिक कर देंगे.

इसके बाद इन गुमनाम हैकर्स ने पूरी दुनिया के लोगों से एक जुट होकर ट्रंप का विरोध करने की अपील की है. इन्होंने एक स्टेटमेंट में लिखा है कि:

ये एक खुला पत्र है, ट्रंप सरकार और उससे जुड़ी सारी चीज़ों से. हम पूरी दुनिया से अपील करते हैं कि यूनाइटेड स्टेट्स के लोगों का दुनिया में कहीं जाने पर बैन लगा दिया जाए और वहां की किसी भी चीज़ का आयात और निर्यात नहीं किया जाए. ऐसा तब तक किया जाए, जब तक संयुक्त राष्ट्र दुनिया के लिए एक खतरा नहीं रह जाता. ट्रंप के घटिया फ़ैसले के कारण उसकी कंपनी और उसके सरकार का विरोध होना जायज़ है.

दुनिया के नागरिक होने के नाते हमें इस समस्या, इस अत्याचार के खिलाफ़ एकजुट होना होगा. ट्रंप ने ये साबित कर दिया है कि महज अपने देश के लिए ही नहीं, अपितु पूरे विश्व के लिए खतरा है. इसलिए ये हमारा कर्तव्य है कि किसी बदमाश पागल आदमी के हाथों दुनिया के नैतिक मूल्यों, अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों और नियमों को बर्बाद होने से बचाया जाए.

इस सनकी इंसान को रोकने के लिए हम दुनिया के हर समुदाय, हर भाषा, हर धर्म, जाति के लोगों से अपील करते हैं कि वो बिना भेदभाव के दुनिया पर आये इस संकट को रोकने के लिए आगे आएं. हम अपील करते हैं वैश्विक स्तर पर अमेरिकी सामानों का बहिष्कार करने के लिए. हम आप सब के साथ मिलकर, आपके देश के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर चाहते हैं कि इस ट्रंप सरकार पर प्रतिबन्ध लगा दिया जाए.

अमेरिका के नागरिकों, ये लड़ाई आपके खिलाफ़ नहीं है, बल्कि ये आपकी पागल और तानाशाह सत्ता के खिलाफ़ है. आप भी इस क्रांति में भाग लेकर पूरी दुनिया के साथ ही साथ अपने देश को बचाने में भी सहयोग दें. हम चाहते हैं कि आप अपने प्रतिनिधियों पर दबाव बनायें, ताकि इस सरकार को समर्थन देना छोड़ दें. काम पर जाना छोड़ दीजिये, क्योंकि आपकी गलियों में चीखने-चिल्लाने से वो नहीं सुनने वाला. पर विरोध करना है, तो बायकाॅट करो, रोक लगा दो सरकार के फैसलों पर, अवमानना शुरू कर दो और काम बंद कर दो. अमेरिका के नागरिकों हम तुमसे अपील करते हैं कि देशव्यापी हड़ताल घोषित कर दो. जिस मार्केट का ट्रंप को घमंड है, वहां से अपना लेबर हटा लो, अपनी पूंजी खींच लो. अमेरिका को महान बनाना भूलकर इंसानियत को महान बनाओ.

हम गुमनाम हैं.

हम हर जगह हैं.

हम पूरी भीड़ हैं.

हम वो हैं, जिसे तुमने बेघर कर दिया है.

हम वो हैं, जिसकी तुमने हत्याएं की हैं.

पर हम अब चुप नहीं रहने वाले हैं.

अगर दुनिया बदलती है, तो हम भी बदलेंगे.

दुनिया के सारे उत्पीड़कों,

हमसे आशा रखो.

अभी कुछ ही दिन पहले एक ट्विटर अकाउंट से जुड़े हैकर्स ने ऐसा दावा किया था कि 'ट्रंप, तुम्हारा व्यक्तिगत और आर्थिक तौर पर रूसी माफियाओं से जुड़ाव है. तुमने बच्चों की तस्करी, घोटालेबाजी और हत्याओं से पैसा कमाया है'. हालांकि, वो इस बात का कोई सबूत नहीं दे पाए.

डोनाल्ड ट्रंप के फ़ैसले दुनिया को परेशान करने वाले ही हैं, पर लोगों से इतनी बड़ी अपील करने वाला आखिर चाहता क्या है, ये तो वही जानता होगा. हमको तो इतना पता है कि पोस्ट बहुत ही प्रभावशाली ढंग से लिखा गया था, ताकि पढ़ते ही लोगों के दिमाग पर जोरदार प्रहार हो.

Source: Metro