Ravana Temples In India: भारत में हर साल दशहरे के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता है. हर साल दशहरे के दिन रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाये जाते हैं. इस दिन दो अलग-अलग जीतों का जश्न मनाया जाता है. इनमें से एक जीत वो है, जब भगवान राम रावण का वध करके सीता माता को लंका से वापस लाये थे. और दूसरी जीत वो जिसमें देवी दुर्गा ने नौ दिनों तक राक्षस महिषासुर के साथ युद्ध किया और दसवें दिन उसका वध कर उस पर विजय प्राप्त की थी. रामायण अनुसार, रावण एक ब्राह्मण था जो महाज्ञानी था. रावण ने भगवान शिव की तपस्या करके ज्ञान हासिल किया था. लेकिन रावण का घमंड उसको श्री राम के सामने ले आया और उसका वध कर के भगवान राम ने बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल की थी. तभी से बुराई पर अच्छाई की जीत को मनाने के लिए दशहरा का त्यौहार पूरे देश में मनाया जाता है. मगर देश में कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहां रावण का पुतला नहीं जलाया जाता, बल्कि पूजा जाता है.

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Ravana Temples in India
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तो आएये आज आपको ऐसी जगहों के बारे में बताते हैं, जहां रावण की पूजा की जाती है:

1- रावण रुंडी, मंदसौर (मध्यप्रदेश)

Ravana Rundi, Mandsaur (Madhya Pradesh)
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रावण की पत्नी मंदोदरी को मध्यप्रदेश के इसी ज़िले की बेटी माना जाता है, इसलिए यहां के रावण को अपना दामाद मानते हैं. लोगों ने यहां अपने भगवान रावण की 35 फ़ीट ऊंची दस सिरों वाली मूर्ति स्थापित की है. दशहरे के रावण को जलाना यहां अपमान स्वरुप देखा जाता है.

2- रावणग्राम, विदिशा (मध्यप्रदेश)

Ravangram Ravana Temple, Vidisha (Madhya Pradesh)
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इस गांव में हर शुभ कार्य उनके पूजनीय रावण के आशीर्वाद के बाद ही किया जाता है. शादी हो या कोई भी शुभ कार्य महाज्ञानी की पूजा या उनकी प्रतिमा की उपस्थिति के बिना नहीं किया जाता. इस गांव के अधिकतर लोग ब्राह्मण हैं. दशहरा के वक़्त हर जगह रावण को जलाया जाता है, लेकिन यहां पर उसकी पूजा की जाती है. मध्यप्रदेश के कई अन्य छोटे ज़िलों में भी रावण की पूजा की जाती है. 

3- रावण मंदिर, काकीनाडा (आंध्रा प्रदेश)

Kakinada Ravana temple (Andhra Pradesh)
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सेरेन बीच के पास स्थित रावण के इस मंदिर का दृश्य देखने लायक होता है. यहां के बारे में कहा जाता है कि रावण ने ख़ुद इस जगह को मंदिर बनाने के लिए चुना था. काकिनाड में भी रावण की पूजा की जाती है. हालांकि, मंदिर के अंदर शिव मूर्तियां हैं, लेकिन मंदिर के प्रवेश द्वार पर रावण की दस सिरों वाली एक विशाल मूर्ति स्थित है.

4- रावण मंदिर, जोधपुर (राजस्थान)

Ravana Temple, Jodhpur (Rajasthan)
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इस जगह के बारे में कहा जाता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी यहीं से सम्बन्ध रखती थी. इसीलिए यहां पर रावण का ये मंदिर बनाया गया है. एक दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार, यहां के लोग मुगदिल ब्राह्मण हैं, जिन्हें रावण का वंशज भी माना जाता है. वो इसी मंदिर में रावण की पूजा किया करते थे.

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5- रावण मंदिर, बिसरख (उत्तर प्रदेश)

Ravana Temple, Bisrakh (Uttar Pradesh)
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इस जगह के बारे में कहा जाता है कि रावण यहां पैदा हुए थे. इस गांव के लोग आज भी दशहरा और दिवाली को अपने भगवान की मौत पर शोक के तौर पर देखते हैं. नवरात्रि के दौरान उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने और आत्मा की शांति के लिए कई अनुष्ठान भी किये जाते हैं. बिसरख का ये मंदिर भारत के प्रसिद्ध रावण मंदिरों में से एक है.

6- रावण मंदिर, कंगड़ा (हिमाचल प्रदेश)

Ravana Temple, Kangra (Himachal Pradesh)
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हिमाचल प्रदेश के ख़ूबसूरत ज़िलों में से एक कंगड़ा में दशहरे के दिन रावण को नहीं जलाया जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण ने भगवान शिव को बैजनाथ, कांगड़ा में ही अपनी भक्ति और तपस्या के साथ प्रसन्न किया था. ऐसा माना जाता है कि इसी जगह पर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया था. इसलिए रावण को भगवान शिव के सबसे बड़े भक्त के रूप में भी जाना जाता है.

7- रावण मंदिर, गडचिरोली (महाराष्ट्र)

Ravana Temple, Gadchiroli (Maharashtra)
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महाराष्ट्र के गडचिरोली में गोंड जनजाति के लोग आज भी रावण और उनके पुत्र मेघनाद को भगवान के तौर पर पूजते हैं. गोंड जनजातियों के अनुसार, रावण को वाल्मीकि की रामायण में कभी भी खलनायक नहीं दिखाया गया था और वाल्मीकि ऋषि ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि रावण ने कुछ भी ग़लत नहीं किया था. वहीं तुलसीदास की रामायण में रावण को दुष्ट राक्षस के रूप में दिखाया गया था.

 अगर आपका भी मन है रावण के इन मंदिरों को देखने का तो हो जाइये तैयार. 

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