FIR यानि कि फ़र्स्ट इंफ़ॉर्मेशन रिपोर्ट के बारे में हम सब जानते हैं. जब कोई अपराध होता है, तो पुलिस उसे लिखित रूप में दर्ज करती है. इसमें अपराध से जुड़ा पूरा ब्योरा दिया जाता है. जैसे पीड़ित और आरोपी कौन है, अपराध क्या है वगैरह-वगैरह. 

यूं तो हर रोज़ देशभर में हज़ारों एफ़आईआर दर्ज होती हैं. मगर क्या आप जानते हैं कि देश में पहली एफ़आईआर कब और किसने दर्ज कराई थी और उस समय कौन सी आपराधिक वारदात हुई थी? 

FIR
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160 साल पहले दर्ज की गई थी पहली FIR

दिल्ली पुलिस ने 18 अक्टूबर, 1861 को पुलिस अधिनियम के तहत अपनी पहली प्राथमिकी दर्ज की थी. ये रिपोर्ट एक चोरी की घटना के बारे में थी, जिसे उत्तरी दिल्ली के सब्जी मंडी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. भारतीय पुलिस अधिनियम 1861 के लागू होने के बाद ये पहली प्राथमिकी थी. इसे उर्दू में लिखा गया था.

दिल्ली पुलिस ने इस 'ऐतिहासिक दस्तावेज़' को अपने ट्विटर हैंडल से पोस्ट भी किया था-

first FIR
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रिकॉर्ड के अनुसार, 1861 में दिल्ली में सिर्फ पांच पुलिस स्टेशन ही थे और सब्जी मंडी उनमें से एक थी .चार अन्य पुलिस स्टेशन मुंडका, महरौली, कोतवाली और सदर बाजार थे.

किसका और कौन सा सामान हुआ था चोरी?

पहली प्राथमिकी कटरा शीश महल निवासी मोईउद्दीन वल्द मोहम्मद यार खान ने उत्तरी दिल्ली के सब्ज़ी मंडी थाने में दर्ज कराई थी. ये एफ़आईआर हुक्का, बर्तन और कुल्फी जैसी चीजों की चोरी के आरोप में दर्ज की गई थी. 

Hukka
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पुलिस ने उर्दू में लिखी इस एफ़आईआर का अनुवाद कराया. जिसके मुताबिक, शिकायतकर्ता के घर से खाना पकाने के तीन बड़े बर्तन, तीन छोटे बर्तन, एक कटोरा, एक कुल्फी, एक हुक्का और महिलाओं के कुछ कपड़ों की चोरी हुए थे. कुल चोरी हुए सामान की क़ीमत 45 आने (2 रुपये 81 पैसे) थी. 

दिल्ली पुलिस द्वार ट्वीट की गई एफ़आईआर की कॉपी को आप जीटीबी नगर के किंग्सवे कैंप रोड पर बने पुलिस म्यूजियम में देख सकते हैं.