साइंस कितनी ही तरक्की क्यों न कर ले, लेकिन कुछ गुत्थियां वैज्ञानिकों की समझ से परे होती हैं. ऐसी ही एक गुत्थी भगवान शिव की शिवलिंग से भी जुड़ी हुई है. वो शिवलिंग से जिसे जीवित शिवलिंग के नाम से जाना जाता है.

शिवलिंग
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क्या है जीवित शिवलिंग का रहस्य?

कई लोगों को ये बात हैरान कर सकती है, पर सच ये है कि मध्यप्रदेश में भगवान शिव की एक जीवित शिवलिंग है. मतंगेश्वर महादेव नामक ये शिव मंदिर मध्यप्रदेश के खजुराहो में है. कहते हैं कि ये दुनिया का एकमात्र ऐसा शिवलिंग है, जो लगातार बढ़ता जा रहा है. इसलिये इसे जीवित शिवलिंग भी कहा जाता है. शिवलिंग की लंबाई 9 फ़ीट है.   

जीवित शिवलिंग
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शिवलिंग की ख़ासियत है कि ये जितना धरती के ऊपर है, उतना ही अंदर भी समाया है. शिवलिंग की लंबाई हर साल एक इंच बढ़ती जा रही है. कहा जाता है कि जिस दिन शिवलिंग पाताल लोक के अंदर पहुंच जायेगा, उस दिन दुनिया ख़त्म हो जायेगी.

पाताल लोक
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कैसे हुई शिवलिंग की उत्पत्ति?

पुराणों में जीवित शिवलिंग का ज़िक्र किया गया है. जिसके अनुसार, भगवान शिव ने युधिष्ठिर को एक चमत्कारी मणी दी थी. युधिष्ठिर के ज़रिये वो मणी मतंग ऋषि के पास पहुंच गई. ऋषि ने जादुई मणी राजा हर्षवर्मन को सौंप दी, जिसे राजा ने जमीन में गाण दिया. जमीन में गणने के बाद मणी की देख-रेख करने के लिये कोई नहीं था. इसलिये उससे एक चमत्कारी शिवलिंग का निर्माण हुआ और नाम रखा गया मतंगेश्वर शिवलिंग.   

युधिष्ठिर
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इंसान की तरह ये शिवलिंग का आकार भी बढ़ता चला जा रहा है, जिस वजह से इसे जीवित शिवलिंग कहा जाता है. ये शिवलिंग इतनी रहस्यमयी है, जिसे अब तक वैज्ञानिक भी नहीं समझ पाये हैं.