खगोल वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ग्रह का पता लगाया है, जिसका तापमान 4,300 डिग्री सेल्सियस से अधिक है. Nature नाम के Journal में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, KELT-9b नाम से जाना जाने वाला ये ग्रह, तारों की भी तुलना में कहीं अधिक गर्म है.

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कोलंबस के ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर Scott Gaudi ने बताया कि 'यह अब तक के खोजे गए सभी ग्रहों में सबसे गर्म और सबसे विशाल है'. KELT-9b ग्रह सौर परिवार के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति से 2.8 गुना ज़्यादा बड़ा है. लेकिन घनत्व में ये बृहस्पति का आधा है. Scott Gaudi ने कहा कि KELT-9b ग्रह उस दुनिया के बारे में अध्ययन का एक रोचक कारण भी है, जिन्हें रहने के बिल्कुल ही योग्य नहीं समझा जाता है.
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प्रोफ़ेसर Gaudi ने Nature से बात करते हुए, इस बारे में और भी जानकारी देते हुए बताया कि Proxima Centauri और TRAPPIST-1 के नज़दीक पृथ्वी की तरह ग्रह की खोज जारी है. इनके आसपास ही सूर्य की तरह अपेक्षाकृत ठंडे तारों को खोजा जा रहा है, जिससे तापमान का संतुलन स्थापित हो सके.

उन्हें आसान लक्ष्य बताते हुए प्रोफ़ेसर Gaudi ने कहा कि ऐसे बहुत सारे ग्रह हैं, जो कम द्रव्यमान वाले तारों की परिक्रमा कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर KELT-9b ग्रह जिस तारे की परिक्रमा करता है, वो सूर्य की तुलना में कहीं ज़्यादा विशाल और गर्म है. .ग्रहों का परिक्रमा तंत्र विशाल तारों के आसपास ही बनता है.

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दिन के समय मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड का बनना मुश्किल है. रात के समय में भी इनके बनने की कोई पुष्टि नहीं है.

इसका तारा, जिसे KELT-9 कहा जाता है, वो भी काफ़ी ज़्यादा गर्म है. ये तारा अभी 3000 मिलियन वर्ष का है. तारों के उम्र के हिसाब से यह अभी युवा अवस्था में है. ये तारा हमारे सूर्य की तुलना में दोगुना बड़ा और दोगुना ही गर्म भी है.

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Vanderbilt University के प्रोफ़ेसर Keivan Stassun का कहना है कि इस तारे ने इतनी ज़्यादा मात्रा में पराबैंगनी किरणों का विकिरण किया है की उससे KELT-9b पूरी तरह लुप्त हो सकता है.

जो भी हो, लेकिन इतना तो तय है कि ये ग्रह खगोल वैज्ञानिकों के मन में अपने प्रति एक जिज्ञासा उत्पन्न करवाने में सफ़ल रहा है. अब देखने वाली बात ये होगी कि अन्त में वैज्ञानिक किस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं.

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