हर इंसान के अंदर कुछ न क़ाबिलियत ज़रूर छिपी होती है, बस कभी-कभी उसे पहचानने में देरी हो जाती है. ये लाइनें सिर्फ़ किताबों के लिए नहीं बनी हैं, बल्कि इसका असल ज़िंदगी से भी उतना ही वास्ता है. ये हैं M Eniyavan जो सिर्फ़ 8वीं कक्षा तक पढ़ा है और कभी ऑटो चला कर ज़िंदगी गुज़ार रहा था. पर शायद उसकी किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और आज वो कई प्रकार की स्वादिष्ट इडली बनाने के लिए जाना जाता है.

यहां सवाल ये भी है कि आखिर एक ऑटोरिक्शा चालक के दिमाग़ में इस तरह का क्रिएटिव आईडिया आया कैसे? तो जनाब! इस सफ़लता का राज़ एक महिला है. दरअसल, चंद्रा नामक एक महिला पैसेंजर हाथों में कई सारी इडली लेकर सफ़र कर रही थी, जो कि स्थानीय भोजनालयों में इडली बेचने का काम करती थी. बस उस महिला से प्रेरित होकर Eniyavan ने चेन्नई में 'Mallipoo' नामक इडली की दुकान खोल ली.

यही नहीं, अब वो अपनी दुकान में करीब 30 से अधिक प्रकार की इडली बेचता है, साथ ही अब तक लगभग 2000 किस्म की इडली बना चुका है. इसके अलावा वो Guinness Book of World Records में अपना नाम दर्ज कराने के लिए 124.8 किलो की इडली बनाने का प्रयत्न भी कर चुका है. हांलाकि, इसमें किस्मत ने अब तक उसका साथ नहीं दिया.

The Hindu से बातचीत के दौरान Eniyavan ने बताया कि 'जब मेरे बच्चे मुझसे पिज़्ज़ा की मांग करते हैं, तो मैं उन्हें उबली हुई इडली की प्लेट थमा देता हूं और यहीं से आया पिज़्ज़ा इडली.'
आगे वो कहते हैं कि 'मैं Batter में पानी के बजाए कोकोनट वॉटर का इस्तेमाल करता हूं. हांलाकि, ये मेरे लिए बिल्कुल भी नया नहीं था, क्योंकि मेरी दादी भी Appam बनाने के लिए ऐसा ही करती थी.'

2000 किस्म की इडली बना चुके Eniyavan का मानना है कि कुछ लोगों को लगता है इडली एक उबाऊ खाना है और मैं उनकी यही सोच बदलना चाहता हूं. ये शख़्स करीब-करीब अपनी इस कोशिश में कामयाब भी रहा है, क्योंकि इनकी दुकान पर आपको मसालेदार, मीठी, मिक्की-माउस शेपड इडली के अलावा Kung Fu Panda और वेज समेत इडली की कई वैरायटी मिलेंगी.

यहां सिर्फ़ एक ही बात कही जा सकती है. कभी-कभी बदलाव हमारे आस-पास ही होता है, बस देर उसे देखने और समझने की होती है.