पंचायत और खाप अकसर अपने तुग़लकी फ़ैसलों की वजह से सुर्ख़ियों में रहते हैं, पर इस बार उत्तर प्रदेश के बागपत ज़िले की एक गांव ने जो फ़ैसला सुनाया है उसकी देश भर में तारीफ़ हो रही है. ख़बरों के मुताबिक, दिल्ली से 40 किलोमीटर की दूर बिगवाड़ा गांव की पंचायत ने फ़ैसला लिया है कि उनके गांव की लड़की ऐसे घरों में नहीं ब्याही जाएगी, जहां टॉयलेट नहीं होगा.

गांव के सरपंच अरविंद कुमार ने गांव के लोगों को ऐसे घरों को बहिष्कृत करने के लिए कहा है. उनका कहना है कि ऐसे घर महिलाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाते हैं.

अरविंद आगे कहते हैं कि यदि किसी परिवार के पास इतने पैसे नहीं है कि वो घर में टॉयलेट बनवा सके, तो वो सरकारी योजनाओं का लाभ उठा कर इस काम को पूरा करवा सकते हैं.

पंचायत का ये फ़ैसला उन फ़ैसलों में से एक है, जिसकी लोग दिल खोल के प्रशंसा कर रहे हैं. अगर आप भी कहीं खुले में शौच करने के आदी हो चुके हैं, तो इस फ़ैसले को ध्यान में रखे. आखिर आपके घर में भी शादी होनी है.

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Source: IndiaTimes