मध्य प्रदेश के इंदौर में लोगों ने दो पेड़ों की शादी कराई. ये शादी किसी एक रस्म की तरह नहीं, बल्कि पूरी धूमधाम से हुई. ये अनोखी शादी इंदौर के पंचम के फैल इलाके में हुई, जिसमें बरगद का पेड़ दूल्हा और पीपली दुल्हन थी.

शादी में करीब 200 लोग मौजूद थे. पहले तो लोग बरगद की बारात लेकर अमर टेकरी पहुंचे. वहां, पीपली की तरफ़ के लोगों ने बारातियों का स्वागत किया. सारी रस्में किसी भी आम शादी की तरह पूरी की गईं. इन रस्मों के वक़्त एक लड़का बरगद की प्रतिकृति लेकर बैठा रहा.

इस शादी में डीजे, बैंड-बाजा सब कुछ था. यहां तक कि पीपली की मेंहंदी और हल्दी की रस्में भी पूरी की गईं थीं. इसके लिए बकायदा शादी के कार्ड के रूप में एक पत्रिका भी छपवा कर बांटी गई थी.

ये बरगद का पेड़ पंचम की फैल में सरकारी स्कूल के पास और पीपली का पेड़ अमर टेकरी में एक घर के पास लगा है.

दूल्हे की तरफ़ से आयोजक मुन्नीदेवी ने बताया कि कई साल पहले उनके पति ने ये पेड़ लगाया था. अब वो नहीं रहे. ये बरगद का पेड़ अकसर रोता था. रात में इसके रोने की आवाज़ आती थी और दिन में इसके आंसू (दूध और पानी) इसके नीचे बैठे लोगों पर गिरते थे. इसके बारे में जब बुज़ुर्गों से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि इसकी शादी करवानी होगी.

अमर टेकरी की आशा बाई ने बताया कि उन्होंने 32 साल पहले पीपली का पेड़ लगवाया था. ये भी अकसर रोया करती थी. इसलिए, जब हमारे पास ये रिश्ता आया, तो हमने हां कह दी और बेटी की तरह इसकी शादी कराई.

Article Source : Jagran