दिल्ली, देश की राजधानी लाखों-करोड़ों लोगों के सपनों को पूरा करने वाली दिल्ली युवाओं का दिल कही जाने वाली इस दिल्ली में महिला की सुरक्षा हमेशा सवालों के कटघरे में ही रहती है. आये दिन यहां पर कभी किसी मासूम बच्ची तो कभी किसी महिला तो कभी किसी वृद्धा के साथ यौन शोषण के ख़बरें आती रहती हैं. कितनी शर्म की बात है कि जहां हम महिला शशक्तिकरण ने नाम पर घंटो की चर्चाएं कर रहे होते हैं, उसी टाइम कहीं न कहीं किसी महिला के साथ दुराचार किया जा रहा होता है. ऐसा ही एक मामला बीते शनिवार की शाम को साउथ दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में एक लड़की के साथ हुआ. हालांकि, उस लड़की ने बड़ी ही बहादुरी के साथ इस स्थिति का सामना किया और खुद को बचाया.

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HT के अनुसार, घटना के दूसरे दिन इस 20 वर्षीय लड़की ने पिता ने कहा, 'वो बहादुरी से उन बदमाशों के साथ लड़ी, लेकिन मैं अब उसके लिए चिंतित हूं. वो ये सोच कर डर जाते हैं कि अगर वो लोग मेरी बेटी का अपहरण करने में सफल हो जाते और वहां उसकी मदद के लिए कोई नहीं होता तो क्या होता. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी बेटी उन अपहरणकर्ताओं को नहीं जानती थी.'

वहीं इस बहादुर लड़की, जिसके साथ ये सब हुआ वो इस घटना से नाराज़ तो है, लेकिन बेफिक्र भी. उसका कहना है, 'मैं कुछ लोगों की वजह से घर से बाहर निकलना बंद नहीं कर सकती हूं. मैं अपने परिवार और अपने लिए पैसा कमाना चाहती हूं. मैं किसी से भी भयभीत नहीं हूं और न होंगी. अगर फिर से ऐसा कुछ हुआ तो, मैं फिर से लड़ूंगी. वो कहती है, मैं पिछले दो सालों से इस पार्लर में काम कर रही हूं और आने वाले समय में अपना खुद का पार्लर खोलने का सपना देखती हूं.'

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पूरी घटना के बारे में बताते हुए वो कहती है कि मैंने पहले उसे कभी नहीं देखा था, लेकिन बाद में मुझे याद आया कि शायद वो पार्लर में बतौर हेल्पर काम करने वाली एक लड़की का दोस्त था. हो सकता है कि उसने गलती से उस लड़की के बजाये मुझे पकड़ा हो, लेकिन उसके इरादे बिलकुल भी ठीक नहीं थे.

लड़की के पिता ने कहा, वो लोग चाहते थे कि हम केस वापस ले लें, हम पर दवाब भी था. वो इसे गलती मान रहे थे कि हो सकता है कि वो आरोपी किसी और की तलाश में थे मेरी बेटी की नहीं, फिर भी उनका ये व्यवहार सही नहीं था, क्या उनके इस बर्ताव को गलती करार दिया जाना चाहिए? अगर वो मेरी बेटी नहीं होती, तो कोई और होती, इससे उनका इरादा तो नहीं बदल जाता न. इसके साथ ही वो कहते हैं कि मैंने उनके परिवार वालों से साफ़ कहा कि मेरी बेटी के साथ जो हुआ उसे कोई भी पिता बर्दाश्त नहीं करेगा.

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इसके साथ ही लड़की ने कहा कि हम केस वापस नहीं लेंगे. हम क्यों लें केस वापस? किसी न किसी को तो आवाज़ उठानी ही पड़ेगी. अगर इस बार मैं चुप रही तो कल उनकी हिम्मत और बढ़ेगी कि वो किसी दूसरी लड़की के साथ ऐसा व्यवहार करेंगे.

आइये अब जानते हैं कि पूरा मामला क्या था.

HT के अनुसार, बीते शनिवार वसंतकुंज इलाके में एक 20 वर्षीय ब्यूटीशियन का 2 लोगों ने अपहरण करने के लिए उनको कार में बैठाने की कोशिश की. लेकिन उस लड़की ने तुरंत ही अलार्म का बटन दबा दिया. साउथ दिल्ली के ऑडिशनल डीसीपी चिन्मय बिस्वास ने कहा, इस घटना से सम्बंधित एक कॉल उनके पास रात 9 बजकर 10 मिनट पर आयी थी. घटना स्थल पर पहुंचने के बाद लड़की ने पुलिस को बताया कि वो वसंतकुंज के पॉकेट बी और सी में स्थित एक ब्यूटी पार्लर में काम करती है. जब वो शाम को 7:30 अपने ड्यूटी ख़तम होने के बाद अपने घर की तरफ जा रही थी, तभी एक लड़का उसक पास आया और पूछने लगा कि तुम कौन हो और कहां जा रही हो. इसके साथ की उसने उसके साथ बदसलूकी करनी शुरू कर दी और जबरन उसको अपनी कार में खींचने लगा. लेकिन उसने तुरंत ही अलार्म बजा दिया, जिससे वो लड़का और उसका साथ वहां से भाग गए.

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इसके साथ ही बिस्वास ने कहा, लड़की की शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने केस रजिस्टर किया गया. मामले में घिटोरनी में रहने वाले 22 वर्षीय रोहित चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है, साथ ही इस घटना को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई मारुती 800 कार को भी ज़ब्त कर लिया है. जल्द ही उसके दूसरे साथी को पकड़ लिया जाएगा.

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 356, 506 और 354 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रोहित ने जब उस लड़की को ब्यूटी पार्लर में काम करते देखा था, तब से वो उससे दोस्ती करना चाहता था. वो उससे बात करना चाहता था, लेकिन जब लड़की ने कोई इंट्रेस्ट नहीं लिया, तो उसने जबरदस्ती उसको कार में घसीटने की कोशिश की. पुलिस ने बताया कि उन दोनों लड़कों ने लड़की का अपहरण करने की कोशिश की लेकिन लड़की ने सूझ-बूझ के साथ खुद को उनके चंगुल से बचाया.