दीवाली रौशनी और खुशियों का त्यौहार है. इस ख़ुशी का इज़हार करने के लिए कुछ लोग शॉपिंग का सहारा लेते हैं तो कुछ अपने सगे-संबंधियों के साथ-साथ दोस्तों को दावत पर बुलाते हैं. पर इस सब की भाग-दौड़ में हम कुछ खास लोगों को भूल जाते हैं. इन खास लोगों को ढूंढने के लिए आपको कहीं बाहर जाने या फ़ोन करने की ज़रूरत नहीं है. अब आपके दिमाग में एक सवाल ज़रूर आ रहा होगा आखिर ये खास लोग है कौन? तो इसका जवाब है सुबह-सुबह का घर काम करने के लिए आने वाली वो औरत, जो गर्मी हो या सर्दी, अपने टाइम पर पहुंच कर ठन्डे या गर्म पानी की परवाह किये बगैर बर्तन धोने के अलावा घर में झाड़ू और पोछा और सफ़ाई करती है.

अब आप ये सोच रहे होंगे कि आज हमें ये क्या हो गया, जो हम इस तरह की बातें कर रहे हैं. तो जी हमें इसकी जीती जागती मिसाल मिली हैं निथया शांति की फेसबुक वॉल से, जिन्होंने अपनी मां द्वारा मनाई गई अनोखी दीवाली के बारे में हमें बताया है. उनकी मां ने अपने यहां काम कर रही मदीना को परिवार सहित अपने यहां दीवाली की दावत पर न्योता भेजा और उन्हें अपनी टेबल पर बिठा कर किसी मेहमान की तरह उनकी आवभगत की.

मदीना के अलावा निथया ने अपने यहां काम कर रही एक और मेड मीना को भी दावत पर बुलाया, जो दो साल पहले एक दुर्घटना में अपने पति को खो चुकी थी.

निथया ने दोनों महिलाओं के सफ़र को भी साझा किया है, जिसमें उनकी परेशानियों सहित ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव को बखूबी बताया गया है.

 

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