हैदराबाद में अब एक भी भिखारी नहीं दिखाई देगा. दरअसल, अब हैदराबाद पूरी तरह से भिखारी मुक्त शहर बनने जा रहा है. इतना ही नहीं, तेलंगाना जेल विभाग ने भिखारियों का पता बताने वालों को 500 रुपये का ईनाम देने की पेशकश की है. ये फ़ैसला इस पहल को कामयाब बनाने के लिए लिया गया है.

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तेलंगाना के डीजी वीके सिंह ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति हमें किसी भिखारी या उसके बारे में जानकारी देता है, तो अगले दिन उसे 500 रुपये का नकद ईनाम दिया जाएगा. इसके अलावा शहर में 'विद्यादान कार्यक्रम' भी शुरू किया गया है, जिसके तहत भिखारियों को शिक्षा और रोजगार प्रदान किया जाएगा.

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आगे बात करते हुए उन्होंने बताया कि हमने शहर में 6 पैट्रोल पंप और 6 नए आयुर्वेदिक गांवों में भिखारियों को रोजगार देने की योजना बनाई है. इसके साथ ही कुछ भिखारियों को आनंद आश्रम में ट्रेनिंग भी दी जाएगी.

वहीं ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम और पुलिस विभाग की सहायता से अबतक 741 पुरुष और 311 महिला भिखारियों को सड़क से उठाया जा चुका है. इनमें से 476 पुरुष और 241 महिला भिखारियों को इस शर्त पर रिहा किया गया है कि अब वो दोबारा भीख नहीं मांगेंगे. इसके साथ ही 265 पुरुष और 70 महिला भिखारियों सहित 2 बच्चों को प्रशिक्षण के लिए आनंद आश्रम में रखा गया है.

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डीजी वीके सिंह बताते हैं कि हमारा उद्देश्य इन लोगों को स्वस्थ्य जीवन प्रदान करना है, साथ ही हम जल्द उन्हें ऐसी जगह भी मुहैया कराएंगे जहां वो अपने परिवार के साथ जीवन व्यतीत कर सकें. हमारी कोशिश है कि आगे चलकर राज्य में एक भी भिखारी न नज़र आए.

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