फ़िल्में हम हिन्दुस्तानियों के जीवन का बेहद अहम हिस्सा हैं. चाहे वो हिन्दी फ़िल्में हों, या क्षेत्रिय भाषा की फ़िल्में. 2017 हिन्दी फ़िल्मों के हिसाब से उतना बेहतरीन नहीं रहा, लेकिन हमें निराशा के बादलों से घिरने से बचाया, इन शॉर्ट फ़िल्मों ने.

कई शॉर्ट फ़िल्म्स ने Viewers को अपनी ओर आकर्षित किया. वहीं कई नये डायरेक्टर्स ने भी इस साल बेहतरीन शॉर्ट फ़िल्में दी.

अगर आप अभी तक उन्हीं लोगों की Category में आते हैं, जो कहते हैं कि उन्होंने शॉर्ट फ़िल्में नहीं देखी हैं, तो साल ख़त्म होने से पहले ज़रूर देखें ये 11 शॉर्ट फ़िल्म्स:

1. Juice

हमारे देश में कुछ परिवारों में आज भी औरत की जगह रसोईघर में ही है. इस सोच पर चोट करती है ये फ़िल्म.

2. White Shirt

Relationship, Break-up, Patch-up पर है ये फ़िल्म.

3. The Good Girl

शादी से पहले Pregnancy को हमारे समाज में बहुत ही घिनौना कहा जाता है. इस संवेदनशील विषय को बखूबी पेश किया गया है इस शॉर्ट फ़िल्म में

4. Chhuri

Extra-Marital Affair पर है ये फ़िल्म. आमतौर पर पति के Affair के बारे में सुनकर पत्नियां गुस्से से पागल हो जाती हैं. लेकिन इस फ़िल्म में पत्नी ने कुछ ऐसा किया जो बहुत से पत्नियों के लिए है एक सीख.

5. Khaane me kya hai?

मां और बेटी के बीच Sex Talk. काफ़ी अजीब लगा होगा ना पढ़कर? ऐसी भ्रान्तियों को तोड़ने के लिए ही बनाई गई है ये फ़िल्म.

6. Kheer

प्यार हर सामाजिक बंधन से परे होता है. प्रेम के अटूट बंधन पर बनी है ये फ़िल्म

7. Chutney

चटपटी चटनी, खाने का स्वाद बढ़ाती है. पर इस फ़िल्म की चटनी देखकर आपके रौंगटे खड़े हो सकते हैं.

8. Carbon

प्रदूषण पर बनी ये फ़िल्म बहुत कुछ बयां करती है.

9. The School Bag

पाकिस्तान में दहश्तगर्दों ने 100 से अधिक बच्चों की हत्या कर दी थी. उन्हीं को समर्पित है ये फ़िल्म.

10. Let the Voice Be yours

ऑफ़िस में होने वाले Sexual Harassment पर बनी ये फ़िल्म सबके लिए एक सबक है. उनके लिए भी जो ऐसी घटिया हरकत करते हैं और उनके लिए भी जो ऐसी हरकतों को सहते हैं.

11. In Defence Of Freedom

मन्टो, सिर्फ़ एक लफ़्ज़ नहीं. उन्हीं से जुड़ी है ये शॉर्ट फ़िल्म.

शॉर्ट फ़िल्म्स और फ़ीचर फ़िल्म्स की कोई तुलना नहीं है. दोनों का कथानक अलग है, दोनों के बनाने का मकसद भी अलग है. पर जो भी हो शॉर्ट फ़िल्म्स, का अपना ही Taste होता है.