एक समय था जब घरों में टीवी नहीं हुआ करते थे. उस समय मनोरंजन का साधन या तो दोस्तों के साथ कंचे खेलना हुआ करता था, नहीं तो रेडियो. रेडियो 1950 के दशक में इतनी तेज़ी से लोगों के घरों में पहुंचा कि वे देखते ही देखते एक ज़रुरत बन गया. फिल्मों का संगीत, देशभक्ति,संस्कृति,आस्था से जुड़े कार्यक्रम लोगों को बहुत आकर्षित करते थे. ऐसे समय में Radio Ceylon पर 1952 मे शुरू हुआ कार्यक्रम 'बिनाका गीतमाला' बहुत की कम समय में लोगों की पहली पसंद बन गया. हर बुधवार को रात 8 बजे बिनाका गीतमाला सुनने के लिये लोग रेडियो से चिपक जाया करते थे. मेलोडियस धुनों और मधुर कंठस्वरों का संगम श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देता था.

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'बिनाका गीतमाला' भारतीय फिल्मी संगीत का सबसे पहला काउंट डाउन (Count Down) कार्यक्रम रेडियो पर ही आया. मधुर गीतों के साथ उद्घोषक ‘अमीन सयानी’ के विशेष अंदाज़ ने मोह लिया था श्रोताओं को और अपने पहले ही प्रसारण से बिनाका गीतमाला सर्वाधिक लोकप्रिय कार्यक्रम बन गया था.

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‘ऑल इंडिया रेडियो’ अपने 80 साल पूरे कर चुका है. अपनी 80वीं सालगिराह पर ऑल इंडिया रेडियो ने एक कार्यक्रम आयोजित किया. रेडियो के Golden-Era की पुरानी यादें ताज़ा करने के लिए, रेडियो के इतिहास के सबसे मशहूर प्रेज़ेंटर अमीन सयानी को बुलाया गया, रेडियो के सबसे चर्चित शो बिनाका गीतमाला की कहानी सुनाने के लिए. नई पीढ़ी के मेरे भाई, जो अमीन सयानी को नहीं पहचानते, वो सुन लें.

रेडियो के गोल्डन दिनों की यादें ताज़ा करनी हों, तो ये ज़रूर सुन लें. 'बिनाका गीतमाला' की कहानी 'अमीन सयानी' की ज़ुबानी: