कुछ महीने पहले भारत रत्न स्व. उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ां की शहनाई चोरी हो गई थी. इस ख़बर ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया था. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार कर लिया, जिनमें एक बिस्मिल्लाह ख़ां के पोते और दो लोकल ज्वेलरी शॉप के मालिक हैं.

जानकारी के लिए बता दूं कि बिस्मिल्लाह ख़ां की सबसे प्यारी शहनाई, जिस पर चांदी का काम किया गया था, वे उनके बेटे के घर से चोरी हो गई थी. हालांकि, उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने उनके पोते नज़ारे हुसैन ज्वेलरी शॉप के मालिक शंकर सेठ और उनके बेटे सुजीत सेठ को इस चोरी के मामले में गिरफ्तार किया है.

Source: TOI

क्या है पूरा मामला

4 दिसंबर को बिस्मिलाह ख़ां के बड़े बेटे काज़िम हुसैन के घर से उस्ताद बिस्मिलाह ख़ां की 4 शहनाईयां चोरी हो गई थीं. चोरी की जानकारी मिलते ही पुलिस उसकी छानबीन में लग गई. अब पता चला है कि यह चोरी उनके पोते की साजिश थी.

शहनाईयों की चांदी निकाल कर पिघला दी गई है

पुलिस कह रही है कि शहनाईयों की बरामदगी तो हो गई है, मगर उसमें लगी चांदी को निकाल कर पिघला कर निकाल लिया गया है. शहनाईयों में सिर्फ़ लकड़ी ही बची है.

शहनाईयों से निकली 1 किलो चांदी, जिसकी बाज़ार में कीमत 17,000 रुपये है.

बिस्मिला खां की सबसे प्यारी शहनाई थी चांदी वाली

चारों शहनाईयों में से चांदी वाली शहनाई बिस्मिलाह ख़ां को सबसे प्यारी थी. यह शहनाई उन्हें भूतपूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने दी थी. वहीं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने भी बिस्मिला साहब को शहनाई दी थी.

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शहनाई की चोरी हो गई और मिल भी गई, मगर सवाल ये है कि चोरी क्यों हुई? ज्ञात हो कि यूपी सरकार ने एक संग्रहालय बनाने का वायदा किया था, मगर वो राजनीति के भेंट चढ़ गया. उम्मीद है कि सरकार राष्ट्रीय धरोहरों की इसी तरह से देखभाल करेगी.