आपको याद होगा कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें बीजेपी सांसद मनोज तिवारी एक शिक्षक को मंच पर डांटते हुए नज़र आ रहे थे. अब फिर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें गोरखपुर के बीजेपी विधायक राधा मोहन अग्रवाल एक महिला आईपीएस अधिकारी को बुरी तरह सबके सामने फटकारते हुए नज़र आ रहे हैं. इस फ़ुटेज ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सत्ता के नशे में चूर होकर विधायक अब न तो शिक्षकों की इज्ज़त कर रहे हैं और न ही ख़ाकी वर्दी का सम्मान.

विधायक ने सर्कल अफ़सर चारु निगम से इतनी बदतमीज़ी से बात की कि अपमान से उनके आंसू छलक आये. चारू निगम वो ही आईपीएस अधिकारी हैं, जो एंटी रोमियो स्क्वाड में एक्टिव होने के कारण गोरखपुर में 'लेडी सिंघम' के नाम से मशहूर हैं.

आईपीएस अधिकारी ने शराब की दुकान के सामने प्रदर्शन कर रहे लोगों को बलपूर्वक हटा दिया था, क्योंकि प्रदर्शन के कारण सड़क जाम हो रही थी. जब विधायक मौके पर पहुंचे, तो वो उल्टा आईपीएस अधिकारी पर ही बरस पड़े.

वीडियो में विधायक कह रहे हैं, ”मुझे ये सब मत बताओ, चुप रहो तुम. मैंने बताया न कि बर्दाश्त के बाहर मत जाओ. मैं आपसे बात नहीं करुंगा, जाओ यहां से."

प्रदर्शनकारियों ने विधायक से शिकायत की थी कि पुलिस अधिकारी चारू निगम ने उन्हें जबरन हटाया है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चारू ने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के एक बुज़ुर्ग को घसीट के हटा दिया.

चारू निगम ने इस वाकये के बाद फ़ेसबुक पर एक पोस्ट के ज़रिए अपनी बात कही. उन्होंने लिखा "मेरे आंसुओं को मेरी कमज़ोरी न समझना, कठोरता से नहीं कोमलता से अश्क झलक गये. महिला अधिकारी हूं, तुम्हारा गुरूर न देख पायेगा, सच्चाई में है ज़ोर इतना अपना रंग दिखलाएगा.

उन्होंने इस घटना पर स्टैंड लेने के लिए मीडिया की तारीफ़ भी की और लिखा "मीडिया ने इस घटना पर स्टैंड लिया क्योंकि उन्होंने दोनों ही घटनाएं देखी थीं. मैं उन लोगों का धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने सच दिखाया."