गुरुग्राम से एक बेहद चौंका देने वाली ख़बर सामने आई है. सरकारी बैंक में बतौर ट्रेनी काम करने वाले, एक शख़्स को 32 साल की विधवा महिला के साथ रेप करने के आरोप में दोषी करार दिया गया है. हैरानी की बात ये कि दोषी और पीड़िता दोनों ही नेत्रहीन हैं. 8 साल की बेटी की मां ने कोर्ट में दोषी की आवाज़ से उसे पहचाना.

वहीं अदालत में इस मामले में 24 जुलाई को सज़ा का एलान करेगी. अडिशनल सेशन जज रजनी यादव ने मयूर विहार में रहने वाले, 33 साल के सौरभ कपूर को कॉल डीटेल, महिला के बयान, मेडिकल और फ़रेंसिक रिपोर्ट्स के आधार पर मामले का दोषी पाया.

पीड़िता ने बताया, '2005 में उसकी शादी हुई थी और 2014 में उसके पति की मौत हो गई. उसे पति की मौत के मामले में एक वकील की तलाश थी. उसके एक दोस्त ने सौरभ कपूर से मुलाक़ात करवाई और बताया कि यह शख़्स वकील से मिलवा देगा.'

पीड़िता के बयान के मुताबिक, 'सौरभ 30 मई 2015 को एक वकील से मिलवाने के बहाने गुड़गांव के एक गेस्ट हाउस में ले गया. जहां उसने रेप की घटना को अंजाम दिया. पीड़िता ने बताया कि जब वह खुद को बचाने के लिए चिल्ला रही थी, तो सौरभ ने उसको शांत रहने के लिए कहा और शादी करने का वादा किया. इसके बाद सौरभ शादी का झांसा देकर 5 महीने तक उसका रेप करता रहा. इस दौरान उसने कई बार मुझसे पैसे भी लिए और बाद में शादी करने से इंकार कर दिया.'

Source : timesofindia

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