अगर आपको याद हो तो कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बॉलीवुड के कुछ बड़े निर्देशकों-निर्माताओं और अभिनेताओं के साथ बैठक हुई और इस बैठक का मुद्दा था एक इंडस्ट्री के तौर पर बॉलीवुड के प्रभुत्व और प्रभाव पर बात करना. इस बैठक में जय देवगन, अक्षय कुमार, करण जौहर, राकेश रोशन, सिद्धार्थ रॉय कपूर, सीबीएफसी अध्यक्ष प्रसून जोशी, टी-सीरीज़ के भूषण कुमार जैसी हस्तियां मौजूद थीं. मगर इस मीटिंग में एक भी महिला का न होना बॉलीवुड में महिलाओं के प्रभुत्व पर सवाल खड़ा कर रहा था. मुंबई के राजभवन में हुई इस बैठक में कोई भी महिला अदाकारा न होने के चलते बैठक को सोशल मीडिया पर यूजर्स का शिकार होना पड़ा था.

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शायद सोशल मीडिया पर हुई आलोचनाओं का ही असर है कि बीते गुरुवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बॉलीवुड के नौजवान स्टार्स को लेकर एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें फ़िल्म मेकर और लेखिका अश्विनी अय्यर तिवारी बॉलीवुड के यंगस्टर्स की पूरी टीम के साथ शामिल हुईं. इस मीटिंग का मुख्य मुद्दा बॉलीवुड के यंग स्टार्स को लेकर इस बात की चर्च भी हुई थी कि वर्तमान में सिनेमा में क्या-क्या और किस तरह के बदलाव लाये जाए.

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इस मीटिंग की सबसे बड़ी ख़ासियत ये रही कि इस मीटिंग में रणवीर सिंह और करण जौहर के अलावा रणबीर कपूर. विकी कौशल, वरुण धवन, सिद्धार्थ मल्होत्रा, रोहित शेट्टी, राजकुमार राव और आयुष्मान खुराना के साथ आलिया भट्ट और भूमि पेडनेकर भी शामिल हुईं थी. इस मीटिंग के बाद अब ऐसा लग रहा है कि फ़ाइनली बॉलीवुड को इंडस्ट्री में मौजूद सशक्त महिलाओं के होने का एहसास हो गया है तभी पीएम के साथ हुई इस मीटिंग में महिलायें भी मौजूद रहीं. दिल्ली में हुई इस मीटिंग में टेलीविज़न क्वीन एकता कपूर भी शामिल हुईं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मीटिंग में देश निर्माण में हिंदी सिनेमा के अहम योगदान के साथ-साथ बॉलीवुड से जुड़े कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई. इसके अलावा मीटिंग में मौजूद सभी स्टार्स ने फ़िल्मों के टिकटों पर जीएसटी घटाने के लिए पीएम मोदी का शुक्रियादा किया. गौरतलब बात ये है कि जब बॉलीवुड ने इंडियन पॉलिटिक्स पर फिल्में बनाने की ओर रुख किया है. इनमें विवादित फ़िल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर, उरी-द सर्जिकल स्ट्राइक और खुद प्रधानमंत्री पर बन रही बायोपिक शामिल है.

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इस मीटिंग का उद्देश्य भारतीय संस्कृति पर फ़िल्मों के प्रभाव पर प्रकाश डालने के साथ-साथ सिनेमा और समाज को कैसे जोड़ा जाए भी है. वहीं देश निर्माण में इन नए-नए एक्टर्स और एक्ट्रेसेज़ के योगदान और सहभागिता है पर भी चर्चा की गई.

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बॉलीवुड जिसे हम हिंदी सिनेमा, या फिर फ़िल्म जगत के नाम से भी जानते हैं, समाज को आईना दिखाने का काम करता है. जिस बॉलीवुड में हर साल हज़ार के करीब फ़िल्में रिलीज़ होती हैं, वो भी पुरुष प्रधान ही रहा है. हालांकि, बीते कुछ सालों में हिंदी सिनेमा महिलाओं के प्रति भी सामान रुख इख्तियार कर रहा है. इसका सबूत हैं बीते सालों में बनाई गई महिला प्रधान फ़िल्में.

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मगर बॉलीवुड में महिलाओं को बतौर हीरोइन ही नहीं, बल्कि कई अन्य ओहदों पर अपनी प्रतिभा दिखाने का भी मौक़ा मिला और उन्होंने इस मौके पर खुद को साबित भी कर दिखाया है.

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बॉलीवुड में प्रियंका चोपड़ा, मेघना गुलज़ार, जूही चतुर्वेदी, रीमा कागती, कंगना रनौत, साई परांजपे, ज़ोया अख़्तर, आलिया भट्ट, स्वरा भास्कर, रत्ना पाठक जैसी महिलायें विश्वस्तर पर बॉलीवुड का नाम रौशन कर रहीं हैं.

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