भारत में खिलाड़ियों के साथ भेद-भाव होना आम बात है. देश के कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना ख़ूब करना पड़ा है. आर्थिक तंगी के कारण इन्हें निम्न स्तर के काम भी करने पड़े हैं. हम आपको एक ऐसे ही खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में जानकर आपको बुरा लगेगा.

Source: Mid Day

खिलाड़ी जब खेल के मैदान में होता है, तो उसके सामने देश की इज़्ज़त के अलावा कुछ और नहीं होता है. वो देश के लिए खेलता, मगर हमारी सरकार को इसका ज़रा सा भी अहसास नहीं होता है. 1998 में बैंकॉक एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता रहे पद्मश्री बॉक्सर डिंको सिंह आज अपने घर को बेचकर कैंसर से जंग लड़ रहे हैं. डिंको अपने खेल से अर्जुन अवॉर्ड, पद्मश्री पुरस्कार हासिल कर चुके हैं, लेकिन आज ये बॉक्सर लीवर और बाइल डक्ट के कैंसर से जंग लड़ रहा है.

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एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करने पर उन्हें इनाम के तौर पर मणिपुर सरकार ने तीन कमरों का फ्लैट भी दिया पर आज उसी फ्लैट को बॉक्सर डिंको 30 लाख में बेचकर अपने इलाज पर लगा रहे हैं. इस बात की जानकारी बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया को भी दी गई, मगर वहां से कोई मदद नहीं मिली.

डिंको पिछले 4 महीनों से कैंसर से जूझ रहे हैं. इस वक़्त वह अपना इलाज कराने के लिए दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बाइलियरी साइंसेज में एडमिट हैं.

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